Thursday, January 24, 2019

जैक मा ने बताए कामयाबी के 6 नियम, कहा- बिजनेस के दबाव से डरते हैं तो नौकरी करना बेहतर

चीन की ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन जैक मा ने बिजनेस में कामयाब होने के पांच गुर बताए हैं। दावोस में चल रही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में मा ने कहा कि अगर आप बिजनेस के दबाव से डरते हैं तो आपको बिजनेसमैन होने का कोई हक नहीं है। आज बड़ी बात यह है कि हर कोई हर बात के लिए चिंतित है।

'मेरे बॉस बन सकें, उन्हें नौकरी देता हूं'
यह पूछे जाने पर कि वह किन लोगों को नौकरी देते हैं, मा ने कहा कि मैं उन्हीं लोगों को नौकरी पर रखता हूं जो मुझसे ज्यादा स्मार्ट होते हैं। ऐसे लोगों को लेना पसंद करता हूं जो अगले 4-5 साल में मेरे बॉस बन सकें। मैं ऐसे लोग लेना चाहता हूं जो सकारात्मक सोच रखते हैं और कभी हार नहीं मानते।

जैक मा भविष्य में अफ्रीका की तरक्की को लेकर आशावादी दिखे। उन्होंने कहा कि मैं केन्या और नामीबिया जैसे देशों में जा चुका हूं। वे मुझे वैसे ही लगे, जैसे 20 साल पहले चीन था।

'भविष्य में कोई विशेषज्ञ नहीं रहेगा'
बीते 20 साल में अलीबाबा को इस मुकाम तक पहुंचाने के दौरान उन्हें डर या संदेह का सामना करना पड़ा, इसका जवाब देते हुए जैक ने कहा, ‘‘भविष्य का कोई विशेषज्ञ नहीं रह जाएगा। एक्सपर्ट बीते दिनों की बात हो जाएंगे।’’

'बच्चों को रचनात्मक बनाएं'
जैक मा ने कहा कि लोगों को अपने बच्चों को रचनात्मक सोच वाला बनाना चाहिए। उन्हें ऐसी चीजें करने के लिए प्रेरित करना चाहिए जो मशीनें नहीं कर सकती हैं। आज की मशीनों में चिप होती है, लेकिन इंसान के पास तो दिल है। शिक्षा को उसी दिशा में बढ़ना चाहिए।

'कुछ बदल नहीं सकते तो खुद बदल जाइए'
मा कहते हैं- मैं 20 साल इसलिए टिका रह पाया क्योंकि मैं एक शिक्षक था। आप हमेशा चाहते हैं कि आपके छात्र आपसे बेहतर हों। नियम एक- लोगों को आपकी तुलना में बेहतर बनने में मदद करें। नियम दो- अगर आप कुछ बदल नहीं सकते तो बेहतर है कि बदलाव को गले लगाएं।

'साझेदारी में बिजनेस न करें'
मा ने उद्यमियों को सलाह दी कि वे अपने दोस्तों को कारोबार में शामिल न करें। मित्रता व्यापार से ज्यादा कीमती होती है।

'प्रकृति के साथ चलें'
मा के मुताबिक- मैं मानता हूं कि तकनीक मनुष्य के लिए जरूरी है। एक तकनीकी कंपनी के तौर पर गलत चीजों को सामने लाना सही नहीं है। अच्छे काम कीजिए। तकनीक के जरिए पर्यावरण को बेहतर बनाया जाना चाहिए। अगर आप धरती को मनुष्य समझते हैं, आप तेल और कोयला निकालकर उसे जला रहे हैं तो धरती एक न एक दिन इसका बदला जरूर लेगी।

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