Tuesday, November 5, 2019

वो महिलाएं जिनकी ज़िंदगी सुहागरात की वजह से बर्बाद हो गई

शादी को लेकर पूरी दुनिया में लोगों में बहुत उत्सुकता रहती है. लेकिन, दुनिया के कुछ हिस्सों में शादी से जुड़े कुछ जश्न, बहुत से ज़ख़्म दे जाते हैं. उनकी शादी की पहली रात ऐसी गुज़रती है, जिसकी बुरी यादें ताज़िंदगी उनका पीछा करती हैं.

कई अरब और मुस्लिम देशों में ये उम्मीद की जाती है कि शादी की पहली रात को महिलाएं कुंवारी हों.

बीबीसी अरबी ने अलग-अलग सामाजिक तबक़े से आने वाली कई महिलाओं से इस बारे में बात की और ये समझने की कोशिश की कि शादी से जुड़े इस रिवाज का उनकी शादीशुदा ज़िंदगी पर क्या असर पड़ा और किस तरह सेक्स एजुकेशन की कमी ने उनकी शादी पर प्रभाव डाला.

ये उन महिलाओं से हुई बातचीत के संक्षिप्त अंश हैं, जिस में वो ये बता रही हैं कि सुहागरात के साथ ही उनकी ज़िंदगी किस तरह उलट-पुलट हो गई.

सोमैया ने अपने ब्वॉयफ्रैंड इब्राहिम से शादी करने के लिए परिवार से लंबी लड़ाई लड़ी थी. परिवार इसके लिए राज़ी नहीं था. लेकिन, सोमैया, इब्राहिम से बेइंतिहा मोहब्बत करती थीं और उसे किसी भी लड़की के लिए आदर्श शौहर मानती थीं.

लेकिन, सोमैया को इस बात का बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं था कि उन्हें बहुत बड़ा सदमा लगने वाला है.

शादी के बाद इब्राहिम के साथ पहली रात को ही कुछ ऐसा हुआ, जब सोमैया की सारी मोहब्बत काफ़ूर हो गई. शादी के बाद पहली रात या सुहागरात को 'प्रवेश की रात' भी कहते हैं. उस रात सोमैया के कौमार्य को लेकर उठे सवाल ने उसके दिल से इब्राहिम के लिए मोहब्बत को हमेशा के लिए मिटा दिया.

उस वक़्त सोमैया की उम्र 23 बरस थी. वो सीरिया की राजधानी दमिश्क की यूनिवर्सिटी में अरबी साहित्य में पढ़ाई कर रही थी. उसकी डिग्री पूरी ही होने वाली थी. लेकिन, वो इब्राहिम से बहुत प्यार करती थी. इब्राहिम ने भी सोमैया से वादा किया था कि कुछ भी हो जाए, लेकिन वो उसे पढ़ाई पूरी करने देगा.

सोमैया का परिवार चाहता था कि वो पहले अपनी पढ़ाई पूरी कर ले. साथ ही सोमैया के परिवार को इस बात से भी दिक़्क़त थी कि इब्राहिम के पास अपना घर नहीं था. फिर भी सोमैया, इब्राहिम से शादी के लिए अड़ी हुई थीं. उन्होंने अपने पूरे परिवार के विरोध का डट कर मुक़ाबला किया. यहां तक कि ये भी कह दिया कि वो इब्राहिम की मां के पास रहने चली जाएंगी, जिन्हें वो अपनी मां की तरह ही मानती थीं.

लेकिन, सुहागरात को सोमैया को ज़बरदस्त सदमा लगा. अभी सोमैया शादी की रस्में निपटा कर ठीक से सांस भी नहीं ले पायी थीं कि उनका शौहर शारीरिक संबंधों के लिए ज़ोर डालने लगा.

सोमैया के पति इब्राहिम को बस उनका कौमार्य जांचने की जल्दी थी. वो बस ये जानना चाहता था कि सोमैया की योनि द्वार की झिल्ली सही सलामत है या नहीं. इब्राहिम ने उसे ये कहकर समझाने की कोशिश की कि ये तो उसकी सोमैया के प्रति मोहब्बत है, जो वो उसे पाने के लिए इतना उतावला हुआ जा रहा है.लेकिन, सोमैया का रूमानी एहसास तुरंत ही हवा हो गया. जैसे ही यौन संबंध बनाने के बाद इब्राहिम ने कहा कि ख़ून तो निकला नहीं. तो सोमैया को लग गया कि उसके पति को उसके कौमार्य पर शक हो गया है. इब्राहिम को ये लग रहा है कि वो वर्जिन नहीं है.

पहली बार यौन संबंध बनाने पर ज़्यादातर महिलाओं को ख़ून निकलता है. इसकी तादाद अलग-अलग महिलाओं में अलग होती है. इसकी वजह होती है, योनि के ऊपर लगी एक पेशियों की झिल्ली जिसे हाइमेन कहते हैं.

लेकिन, डॉक्टरों और जानकारों के मुताबिक़, पहली बार यौन संबंध बनाने पर हर लड़की को ख़ून निकले, ये ज़रूरी नहीं है क्योंकि हाइमेन भी अलग-अलग तरह के होते हैं. कई तो इतने मोटे होते हैं कि उन्हें काटना पड़ता है. वहीं, कई इतने नाज़ुक होते हैं कि बिना ख़ून बहे ही फट जाते हैं. वहीं, कई महिलाओं की योनि में हाइमेन होता ही नहीं है. या फिर, किसी हादसे की वजह से उनकी योनि की ये झिल्ली बचपन में ही फट जाती है.

सोमैया अपने शौहर की प्रतिक्रिया के बारे में बताती हैं, "उसकी आंखों के ख़ंजर मेरे सीने में चुभ रहे थे. उसने ये जाना ही नहीं कि उस नज़र ने मेरी हस्ती को मिटा दिया."

सोमैया बताती हैं, "इब्राहिम ने मुझसे बात करने की भी कोशिश नहीं की. मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं संदिग्ध हूं और मुझ पर मुक़दमा चलने वाला है. शादी से पहले हमने बहुत सी बातों पर चर्चा की थी. यहां तक कि हम ने सुहागरात के बारे में भी बातें की थी, जो हमारी ज़िंदगी की सबसे हसीन रात होनी चाहिए थी. हमें ये लगता था कि हम एक-दूसरे के बारे में बहुत कुछ जानते हैं. लेकिन, जब सुहागरात को ख़ून नहीं निकला, तो सारी मोहब्बत हवा हो गई."

Tuesday, October 15, 2019

الغارديان: "التسوية أو الإبادة...الأكراد مجبرون على الاختيار في مواجهة خيانة ترامب"

ما زالت العملية العسكرية التركية شمال شرقي سوريا تحظى باهتمام واسع في الصحف البريطانية الصادرة الثلاثاء، حيث تناولتها في افتتاحياتها وفي صفحات الرأي وفي صفحاتها الإخبارية. ومن بين القضايا العربية والشرق أوسطية الأخرى التي تناولتها الصحف البريطانية نتائج الانتخابات الرئاسية في تونس.

البداية من صحيفة الغارديان، وتقرير لمارتن شيلوف من شمال شرقي سوريا بعنوان "التسوية أو الإبادة...الأكراد مجبرون على الاختيار في مواجهة خيانة ترامب".

ويقول الكاتب إن اللحظة التي غيرت الشرق الأوسط جاءت بصمت مفاجئ، فقبيل السابعة مساء الأحد قُطعت شبكة الإنترنت في شمال شرق سوريا، في الوقت الذي كان فيه الأكراد في المنطقة يحاولون استيعاب ما جاء في نبأ عاجل. كانت القوات السورية تعود إلى بلدتين هما منبج وكوباني، وسريعا ما تفهم الأكراد مغزى ذلك.

ويضيف الكاتب أن العاصمة المحلية، القامشلي، تم إخلاؤها سريعا، وخلت الشوارع التي كانت مليئة بالمارة، فقد حان الوقت ليشعر فيه أهل هذه المنطقة بالخوف.

وقال رجل للكاتب متحاشيا النظر في عينيه "يجب أن تغادر الآن. توجد نقاط تفتيش تابعة للنظام شرق المدينة، وليس من الأمان أن تبقى". ويضيف الكاتب أن هذا الرجل، وغيره من الأكراد عاشوا طوال حياتهم، حتى السنوات السبع الأخيرة، تحت سيطرة الحكومة في دمشق، وتركه احتمال عودة سيطرة الحكومة السورية شاحبا قلقا.

ويقول الكاتب إن الجيش الحكومي السوري احتفظ بوجود رمزي في القامشلي منذ أن أعطى الرئيس السوري بشار الأسد للأكراد ما يشبه الحكم الذاتي عام 2012، ويتساءل الكاتب: هل تعود قوات الأسد الآن، فلها قاعدة لا تبعد إلا أمتار قليلة.

ويقول الكاتب إن قرار الولايات المتحدة بالانسحاب من شمال سوريا ترك الأكراد، الذين كانوا حليفا رئيسيا للولايات المتحدة في حربها ضد تنظيم الدولة الإسلامية، مع خيارات محدودة للغاية.

وقال قائد سابق في قوات سوريا الديمقراطية للصحيفة "من الأفضل أن نختار التسوية بدلا من الإبادة".

ويضيف الكاتب أن الأكراد، بزعامة حزب العمال الكردستاني، أجروا محادثات مع مسؤولين روس في القامشلي في الأيام الأخيرة بشأن اتفاقهم مؤخرا مع دمشق، نظرا لشعورهم أنهم بحاجة إلى حليف. وبعد تركهم لقتال الأتراك شمالا وتخلي الولايات المتحدة عنهم، يشعر الأكراد بضعف قدرتهم على المواجهة.

وقال القائد السابق في قوات سوريا الديمقراطية للصحيفة "الروس يتهموننا بأننا سمحنا بدخول الأمريكيين إلى المنطقة في المقام الأول. دفعنا ثمنا سياسيا باهظا جراء ذلك".

وننتقل إلى صحيفة التايمز، التي جاءت افتتاحيتها بعنوان "معضلة أوروبا: عملية تركيا في سوريا تمثل مشكلة حرجة للغرب". وتقول الصحيفة إن عملية تركيا في الحرب السورية الطويلة تنشر الفوضى والقلق في تحالف غربي يشهد بالفعل انقسامات واسعة.

وتضيف أنه في هذا الأسبوع سيناقش قادة الاتحاد الأوروبي فرض عقوبات على أنقرة على أمل الحد من "العدوان" التركي على القوات الكردية التي كانت حتى وقت قريب تعتبر نفسها حليفة للولايات المتحدة وبريطانيا وغيرها من الدول الأعضاء في حلف شمال الأطلسي (الناتو).

وتقول الصحيفة إن انسحاب الولايات المتحدة المتسرع من سوريا خلق إطارا لورطة دامية: هل تدعم حليفا يمتلك واحدا من أكبر الجيوش في حلف الناتو وذات ثقول جيوسياسي كبير في المنطقة أو أن تدعم ميليشيا لعبت دورا كبيرا في هزيمة تنظيم الدولة الإسلامية.

وتقول الصحيفة إن الرئيس التركي رجب طيب اردوغان اوضح أنه لن يقبل أمرا وسطا مترددا للخروج من تلك الأزمة. حيث قال للمستشارة الألمانية أنغيلا ميركل إن تركيا لا خيار أمامها إلا ان تدافع عن نفسها إزاء الأعداد الكبيرة من المقاتلين الأكراد الذين يقاتلون بالقرب من حدودها.

وتقول الصحيفة إن أوروبا تجد صعوبة في إيجاد موقف يرضي الأتراك في الوقت الذي يرضي ضمير الغرب إزاء الأكراد. وتقول الصحيفة إنه من غير المرجح أن تستجيب تركيا للمطلب الأوروبي بالوقف الفوري للقتال. وقال وزير الخارجية الأسباني جوزيب بوريل، الذي سيصبح مسؤول السياسية الخارجية في الاتحاد الأوروبي في وقت لاحق من هذا العام "لا نمتلك قوى سحرية تمكننا من ذلك".

وفي صحيفة فاينانشال تايمز نطالع تقريرا لهبة صالح بعنوان "غريب على المعترك السياسي يذهل الصفوة في تونس بفوز كاسح في الانتخابات الرئاسية".

وتقول صالح إن أستاذا للحقوق لا يحظى بذيوع الصيت وسط النخبة السياسية ويتقن الفصحى أذهل الكثيرين وحقق فوزا كاسحا في الانتخابات الرئاسية في تونس.

وتقول الكاتبة إن فوزر قيس سعيد ينظر إليه على أنه نأي للناخبين عن الساسة التونسيين. وتضيف أن سعيد شارك في الانتخابات كمرشح مستقل وبالكاد شارك في الحملة الانتخابية.

وتضيف أن المحللين يرون في فوز سعيد إدانة كبيرة للصفوة السياسية، التي يتهمها الكثيرون بالفساد وبعدم تحقيق طموحات الشعب بعد انتفاضة الربيع العربي.

Friday, September 27, 2019

Кадыров потребовал найти поющего «гори-гори ясно» во время грозненского пожара

Глава Чечни Рамзан Кадыров потребовал поймать человека, распевающего «гори-гори ясно» на фоне пожара в ТЦ «Гранд-Парк» в Грозном. Политик также поручил наказать авторов фейков о погибших детях.

Чеченский лидер уличил автора ролика в том, что он радуется чужому горю. «Чему он радуется? Что кто-то потерял имущество, магазин, благодаря которому зарабатывал себе на жизнь и которым обеспечивал семью?» — цитирует Кадырова пресс-служба МЧС республики.

Кроме того, глава Чечни обратил внимание на кадры, на которых плачущие женщины рассказывали о детях, которых якобы выносили из объятого пламенем здания. По словам Кадырова, распространение лживых сообщений — это «болезнь, которую надо лечить».

«Каким нужно быть низким, не имеющим ничего общего с религией человеком, чтобы такое придумывать и, радуясь, это распространять?» — возмутился чеченский лидер.

Площадь пожара, вспыхнувшего в «Гранд Парке» произошел 19 сентября, составила 700 квадратных метров. Все сотрудники и посетители были своевременно эвакуированы из здания, данных о погибших не поступало.

Расследование дела Котова прошло в рекордные сроки: 13 августа ему предъявили обвинение, а уже 15-го Следственный комитет России объявил об окончании следственных действий.

Дело Котова вызвало большой резонанс, сопоставимый с резонансом дела Павла Устинова. Защиту активиста в знак его поддержки начали вести 12 адвокатов.

14 октября Мосгорсуд рассмотрит жалобу на приговор активисту Котову.

Сейчас под следствием по "дадинской" статье находится подмосковный активист Вячеслав Егоров, выступающий против ввоза мусора под Коломну.

Thursday, September 12, 2019

Эксперт предсказал обрушение доллара до 30 рублей

Генеральный директор ИК «Иволга Капитал» Андрей Хохрин не исключил, что в будущем доллар США может вновь подешеветь до 30 рублей, как это было до начала событий в Украине и Крыме в 2014 году. Так он отреагировал на сообщения о том, что чистый госдолг России впервые стал отрицательным после введения санкций и падения цен на нефть.

В интервью "Известиям" Хохрин объяснил, что Россия в ближайшие годы вполне может сохранить темпы экономического роста около 2% годовых, в то время как за рубежом скорее всего в это время будет глубокий экономический кризис.

"Доллар за позабытые 30 рублей? В этой парадигме — скорее, да", - приводит издание слова эксперта.

Хохрин также отметил, что у стран с развитой экономикой сейчас беспрецедентный уровень госдолгов. При этом для погашения предыдущих долгов выпускаются новые, что приводит к росту долговой нагрузки, несоразмерно росту экономики. Поэтому решать вопросы госдолга развитые страны будут путем девальвации резервных валют, считает эксперт.

Напомним, что ранее Минэкономразвития распространял прогноз курса рубля, в котором заложен рост стоимости доллара США.

По данным исследования одного из онлайн-сервисов бронирования билетов, самыми популярными у россиян украинскими направлениями являются Киев (57% от общего числа бронирований), Одесса (22%) и Львов (6%). Украинские туристы чаще всего приезжают в Москву (52% всех бронирований), Санкт-Петербург (20%) и Сочи (9%).

При этом средняя цена на авиабилеты из Украины в Россию снизилась за первые шесть месяцев 2019 года на 5% – с 14 991 до 14 220 рублей. Перелёт из России на Украину, напротив, подорожал с 18 903 до 21 816 рублей.

Ранее стало известно, что украинские туристы в нынешнем году чаще других выбирают Россию для путешествий. Так, с января по июль нашу страну посетили почти 3,5 миллиона украинцев. Второе место в рейтинге заняли граждане Казахстана, третье место – у китайцев.

Friday, August 30, 2019

Губернатор-ресторатор: скандальный ресторан в сквере Сурикова привел к семье Александра Усса

В бывшей оранжерее в сквере Сурикова, построенной в середине прошлого века, все же откроют ресторан. Это уже вторая попытка — три года назад здание хотели переделать и расширить его для этого вглубь сквера. Тогда против реконструкции выступили жители соседних со сквером домов, после чего о проекте не было слышно. Сама оранжерея при этом уже много лет принадлежит жене губернатора края Александра Усса.

Холдинг Bellini Group планирует открыть ресторан в бывшей оранжерее на границе сквера Сурикова на улице Ленина, 118а. Об этом еще в начале июля рассказывал руководитель сети Анатолий Ващенко. Сайту NGS24 Ващенко уточнил, что ресторан будет специализироваться на рыбе и морепродуктах с доставкой с севера края, Дальнего Востока и Черного моря. Предполагается, что заведение займет оба этажа здания, но проект еще разрабатывается. Ремонтные работы, по словам Анатолия Ващенко, предстоят масштабные и открыть ресторанd рассчитывают весной 2020 года. «МК в Красноярске» связаться с ресторатором для уточнения деталей не удалось.

Здание оранжереи было построено в 1953 году. Судя по архивным фото, изначально это была небольшая постройка на углу сквера. В газете «Красноярский рабочий» в сентябре 1953-го писали, что в здании открылся цветочный магазин, площадь оранжереи составляла 320 квадратных метров, а на ее остекление ушло 696 квадратов стекла. До 1990-х в оранжерею водили на экскурсии красноярских школьников, рассказывал ТВК.

В 1997-99 годы, как указывается на сайте проектного бюро архитектора Бальцера, прошла реконструкция здания. Очевидно, тогда у оранжереи и появилась двухэтажная пристройка, растянувшаяся вдоль границы сквера. По данным Росреестра, сейчас площадь бывшей оранжереи чуть-чуть недотягивает до 921 квадратного метра. В новой части здания в 2000-е расположился офис сотового оператора «ЕТК», в старой сохранился цветочный магазин. Позже арендаторы съехали и здание несколько лет стояло пустым.  С недавних пор «историческую» часть оранжереи занимают «Бельгийские пекарни».

На одном из окон здания на момент публикации по-прежнему висело объявление с предложением об аренде. «МК в Красноярске» не смог дозвониться по указанному номеру. По информации нескольких красноярских справочников, он принадлежит компании «Развитие» или «Развитие-С», предоставляющей в аренду недвижимость. В одном справочнике сайтом организации указан сайт строительной компании «Сибиряк». По данным сервиса «Контур.Фокус», основным собственником фирмы «Развитие-С» является владелец и гендиректор «Сибиряка» Владимир Егоров. Руководитель «Развития-С» Евгений Моисеев сказал «МК в Красноярске», что компания не имеет отношения к зданию. На вопрос, почему на оранжерее оказался один из номеров компании, он не ответил. В самом «Сибиряке» прояснить ситуацию не смогли.

Thursday, August 22, 2019

Мария Шукшина рассказала о состоянии матери после "сердечного приступа"

Дочь Лидии Федосеевой-Шукшиной прокомментировала информацию о сердечном приступе, который якобы произошел у матери. В своем Instagram Мария Шукшина выложила фото из больничной палаты, на которой показала Лидию Николаевну.

По словам дочери, никакого сердечного приступа не было. Мама в порядке. Реакция в соцсетях последовала из-за того, что "поднялся очередной шум в желтой прессе", и ей постоянно звонят журналисты.

Накануне, 21 августа, СМИ сообщили, что у народной артистки РСФСР произошел сердечный приступ во время отдыха на курорте в Болгарии. При этом отмечалось, что из-за отсутствия медицинского полиса ее не взяли в больницу. В итоге за актрисой начали ухаживать подруги.

Позднее другой дочери Федосеевой-Шукшиной Ольге удалось связаться с лечащим врачом Владимиром Александровичем. Он предположил, что у актрисы не сердечный приступ, а нарушение мозгового кровообращения.

Сам же дед признался, что в это время был пьян. Проводятся следственные действия, сам дед заключен под стражу.

На самом деле Петров жив. Более того, он очень недоволен тем, что его «похоронили досрочно».

За решеткой убийца, слава богу, лишен возможности врачебной практики, о которой всю жизнь мечтал. Петров следит за медицинскими новостями, выступил против эвтаназии (в последнее время о ее введении во многих странах идут особенно горячие споры).

Доктор Смерть делает шокирующие признания о том, что его толкнуло на убийства, и выражает соболезнования... нет, не родным своих жертв, а тому парню, которого по фото ошибочно до сих пор принимают за настоящего врача-убийцу.

Friday, August 16, 2019

72-летняя пенсионерка в Подмосковье зарезала 40-летнего насильника

72-летняя жительница Московской области Людмила Н. Расправилась со своим 40-летним гостем, который планировал ее изнасиловать. Как передает телеграм-канал Mash, женщина, несмотря на почтенный возраст, частенько приглашала к себе мужчина и устраивала алкогольные вечеринки. Однако до срамоты дело никогда не доходило. Но ее новый знакомый пришел явно не с целью просто выпить и спеть пару душевных песен - мужчина стал приставать к пенсионерке с самыми грязными намерениями.

Женщина увидела на столе нож, схватила его и нанесла "ухажеру" четыре удара. В результате полученных травм мужчина скончался на месте.

Тюрьмы пенсионерка избежала. Ей назначили наказание в виде ограничения свободы на полгода. Теперь она не должна уходить из места постоянного проживания в определенное время суток, не может выезжать за пределы территории соответствующего муниципального образования, не должна посещать места проведения массовых мероприятий и должна являться в специализированный государственный орган, осуществляющий надзор за отбыванием осужденными наказания.

В среду 14 августа Контрольно-дисциплинарный комитет должен был рассматривать протест «Спартака», но не сделал этого. Причина проста – «Спартак» неправильно подал протест. Угадайте, что произошло дальше.

«Ахмат» все-таки понес наказание. Клуб вынужден был заплатить 5 тысяч рублей штрафа. Статья, по которой было произведено наказание, не шокирует, она вызывает улыбку, а у некоторых даже приступ истерического хохота. Чеченский клуб наказали за «появление на поле постороннего лица» . Такая статья обычно применяется, когда служба безопасности стадиона пропускает выбежавшего на поле фаната. Еще один штраф - тоже 5000 рублей - клуб заплатит за "нахождение во время матча в технической зоне команды посторонних лиц".

Wednesday, August 7, 2019

Подсчитаны зарплаты россиян "в конвертах"

Объем "серых" заработных плат в Российской Федерации в 2018 году достиг 13 трлн рублей. Об этом пишут "Известия" со ссылкой на данные Федеральной службы государственной статистики.

Общая сумма выдаваемых "в конвертах" зарплат равняется 12,6% валового внутреннего продукта (ВВП) и сопоставима с расходами федерального бюджета, которые по результатам 2018 года составили 16,8 трлн рублей.

Вместе с тем, по информации Росстата, в относительном выражении показатель оказался самым низким за последние 5 лет - с 2014 года он не опускался ниже 13% ВВП.

Для подсчета совокупных "серых" доходов ведомство сравнило легальные доходы граждан с их тратами и сбережениями. Разница между данными показателями определяется как незаконно полученные средства: заработные платы "в конвертах", нелегальные подработки, с которых не платятся страховые отчисления и подоходный налог (НДФЛ).

Опрошенные газетой экономисты оценили долю граждан России, получающих "серые" доходы, в 30% от общей численности населения. Однако, по словам экспертов, их число постепенно снижается по причине падения спроса на неофициально оказываемые услуги.

Стоит отметить, что, по данным Росстата, реальные доходы россиян в I квартале 2019 года сократились на 2,3%. Они падали уже более пяти лет. Суммарно за прошедшее с момента объявления санкционной войны России и Запада реальные доходы наших соотечественников в зависимости от методики расчета снизились на 8-11%. Если в 2014 году к среднему классу относило себя примерно 60% россиян, то в 2018 году их доля снизилась до 47% граждан. При этом, только за I квартал число тех, кто живет за чертой бедности выросло на 500 тыс жителей. Нищих в нашей стране теперь около 21 млн человек. Поэтому новости о потерях миллиардеров, скорее, способны вызвать сиюминутную улыбку, но никак повод для продолжительного гомерического смеха.

Friday, July 26, 2019

Стало известно, за что ветеран «Азова» напал на Порошенко

Бывший боец украинского спецбатальона «Азов» Никита Макеев, напавший на кортеж экс-президента Украины Петра Порошенко, рассказал, что хотел проверить, будет ли бывший глава государства чувствовать себя в безопасности в хлипком бронежилете, которым оснащают украинских военных на Донбассе.

Бывший спецназовец с позывным «Одиссей» опубликовал в Facebook обращение, в котором рассказал, что не планировал покушаться на Порошенко, а всего лишь хотел проверить бронежилеты, которые украинские чиновники закупали для военных, находящихся в Донбассе. Он уточнил, что бронежилет, как оказалось, не выполняет свою функцию и легко простреливается. В одном из таких бронежилетов Макеев и запрыгнул на капот автомобиля Порошенко.

«Я хотел один из них передать лично Петру Алексеевичу. Он не простреленный. Я бы хотел, чтобы он надел его на себя или на своего сыночка, который якобы воевал в Краматорске, и испытал его», - заявил «Одиссей».

Макеев также рассказал, что является уроженцем Санкт-Петербурга, и в 2014 году уехал воевать против ополченцев Донбасса. Спецназовец заявил, что Порошенко пять лет унижал добровольцев из других стран, не выполняя обещания предоставить им украинское гражданство.

Напомним, попытка нападения на экс-президента Украины Петра Порошенко произошла 25 июля у здания Государственного бюро расследований в Киеве, когда бывший лидер страны выходил после допроса по делу о продаже завода «Кузница на Рыбальском».

Friday, July 19, 2019

В Англии смеются над новой формой игроков клуба "Хаддерсфилд".

Новая форма игроков английского футбольного клуба "Хаддерсфилд" с огромным - наискосок от плеча через живот - логотипом спонсора стала предметом насмешек в соцсетях и поводом для озабоченности Английской футбольной ассоциации.

Домашний клуб городка на западе Йоркшира в понедельник обрел нового спонсора - букмекерскую контору. Спонсор пожелал, чтобы его название красовалось на груди каждого игрока в виде надписи через плечо.

"Новая форма выглядит плохо", - самый мягкий отзыв из тех, что получил новый дизайн. Игроки клуба, играющего в Чемпионшипе (второй лиге английского футбола) уже опробовали форму в товарищеском матче в среду. И многие из них выглядели в ней по меньшей мере растерянно.

Экс-нападающий сборной Англии, бывший игрок "Ливерпуля" и "Тоттенхэма" Питер Крауч у себя в "Твиттере" удивился, что футболисты действительно вышли "в этом" на поле.

"Питер, если представить тебя в таком, то лого было бы в милю длиной", - написал под постом Питера Крауча комментатор. Крауч - один из самых высоких футболистов в истории сборной Англии, его рост превышает 2 метра.

Спорным выглядит не только размер и расположение логотипа, но и тот факт, что компания занимается по сути игорным бизнесом - это букмекерская контора Paddy Power. "Нормально ли, что юному поколению "впаривают" игорный бизнес?" - задаются вопросом комментаторы в "Твиттере" Крауча. "Они сами утверждают в своей рекламе, что помогут вам продать свою душу", - добавляют другие.

Руководящий орган английского футбола FA усмотрела в необычном дизайне возможное нарушение правил ассоциации и направила руководству клуба вопросы. Российский спортивный портал sports.ru подсчитал, что для размера M длина надписи, рассчитанная как гипотенуза из длины катетов, должна быть не меньше 88 см, а площадь логотипа - не менее 440 кв.см, что намного больше 250 кв.см, дозволенных правилами FA.

Пользователи "Твиттера" придумали множество издевательских картинок, пародирующих йоркширскую форму. Широкая лента наискосок вызвала в их памяти конкурсы красоты, где победительницы и призерки надевают подобные ленты с своими титулами, либо свидетелей на свадьбах.

"Подружка невесты", "девичник" - написано на фуфайках футболистов в нескольких "фотожабах", а сами майки кое-кто выкрасил в розовый цвет.

Wednesday, July 10, 2019

年中经济观察:世界更加依赖中国经济意味着什么?

  中新社北京7月10日电 (记者 李晓喻)麦肯锡全球研究院最近公布了一个意料之中的事实:世界正越来越依赖中国经济。

  据麦肯锡全球研究院最新报告,2000年至2017年,世界对中国经济的综合依存度指数从0.4逐步上升至1.2。这种依存主要源自中国既是“世界工厂”,也是“全球市场”。

  报告称,中国贡献了全球制造业总产出的35%。与此同时,由于中国经济体量极为庞大,全球几乎所有行业都在一定程度上依赖中国。在汽车、酒类、手机等许多品类中,中国都是全球第一大市场,消费额约占全球消费总额的30%。此外,中国在全球服务消费中的比重也在提高。

  今年上半年中国贸易和吸收外资表现同样佐证了这一研究成果。据官方数据,目前与中国有贸易往来的国家和地区已达232个,其中不少与中国互为重要贸易伙伴。今年前5个月,中国出口商品在欧盟、日本、巴西、俄罗斯等主要经济体的市场份额均有所扩大。

  外资方面,尽管全球跨境投资整体低迷,但1-5月中国吸收外资额同比增速达去年同期的五倍有余。大多数外企都视中国为重要投资目的地,计划在华增产增资。

  得益于两方面有利条件,今后世界对中国经济依存度料将继续上升。其一,中国经济还在以中高速增长,中等收入群体持续扩大,大规模消费升级和产业升级仍在持续,这将吸引更多跨国公司来华“掘金”。

  其二,中国也在主动采取措施加深与世界经济的联系。例如,中国已将新版外商投资准入负面清单条目从48条压缩到40条,在农业、采矿业、制造业、服务业等领域加大市场开放,并计划进一步自主降低关税水平,努力消除非关税贸易壁垒,便利外国商品和服务进入中国市场。

  这一趋势将对中国与世界如何对待彼此产生重大影响。用麦肯锡全球研究院院长华强森的话说,从中长期来说,中国与世界的关系发生了“结构性变化”。

  对中国而言,这一趋势意味着抵御外部风险和挑战能力增强,经济稳定增长有底气。

  如中国宏观经济研究院市场与价格研究所所长臧跃茹所言,巨大的市场潜力是中国经济应对国际市场不确定性“最大的确定性”。

  同时,这一趋势也要求中国在制定经济与贸易政策时,需要更多考虑对全球的影响。毕竟,“中国现在已经开始有能力塑造外部经济,而不仅仅是依赖和融入。”中国社科院世界经济与政治研究所副研究员苏庆义说。

  中国已经表现出负责任的态度。今年第二届“一带一路”国际合作高峰论坛期间,中国已明确提出,将加强同世界各主要经济体的宏观政策协调,努力创造正面外溢效应。高层还在不同场合多次表示,中国不搞以邻为壑的汇率贬值,将保持人民币汇率在合理均衡水平上的基本稳定。

  对世界而言,这一趋势意味着想人为把中国“挤出”全球产业链、供应链、价值链,使中国与世界经济脱钩不可行,而且有害。

  据多家机构预测,2030年中国消费增长可能高达6万亿美元,相当于美国和西欧的总和。届时,中国将从新兴经济体进口更多劳动密集型商品,从发达国家进口更多优质商品,帮助其贸易伙伴创造更多就业。

  在此情况下,加强对华合作才是可取的态度。如华强森所言,如果世界其他经济体和中国切实加强合作,将创造出巨大的经济价值。据麦肯锡研究报告,到2040年,中国和世界其他经济体彼此融合有望创造22万亿至37万亿美元经济价值,相当于全球经济总量的15%-26%。(完)

Monday, July 1, 2019

"Ты все слышишь, Фернандо". Как прошел вечер в честь

Вечером в пятницу в Глазго прошел прощальный вечер игрока "Рейнджерс" и "Зенита" Фернандо Риксена. У него неизлечимое заболевание - и он сказал, что у него просто больше нет сил появляться на публике.

Больничная койка, на ней лежит мужчина, перед ним большой экран монитора. Мужчина пристально смотрит в монитор, механический голос за кадром произносит: "28-го июня будет особый вечер. Дела идут похуже, и это будет мой последний вечер. Приходите, давайте его запомним".

Мужчину зовут Фернандо Риксен, ему 42 года, он - известный футболист из Нидерландов, поигравший за "Рейнджерс" из Глазго и петербургский "Зенит". Мужчина не может двигаться и не может говорить. Механический голос - это его слова; футболист читает текст глазами, а специальная программа воспроизводит его вслух.

У Фернандо Риксена - боковой амиотрофический склероз. Это заболевание нервной системы, которое приводит к последовательному параличу всех органов. Человек перестает ходить, двигаться, говорить и, в конце концов, теряет способность дышать.

"Он очень любит внимание, любит, когда вокруг него люди, движение, веселье, но ему чисто физически уже тяжело, поэтому он и решился на такую вот вечеринку", - говорит Би-би-си Вероника Риксен, жена футболиста.

"Нет, духом он не падает, - добавляет она. - Иногда положишь рядом с ним что-то, а он говорит: ты не переживай, я не возьму. Или говорю ему: Фернандо, я пойду в душ. А он в ответ сообщает: знаешь, а я лучше полежу".

В своей автобиографии Фернандо Риксен рассказал, что родился под звуки песни группы ABBA Fernando - в честь нее он и получил это имя. Подростком он был настолько буйным, что врачи прописывали ему лекарства и книги по управлению гневом.

Родители надеялись, что музыкальная тема в жизни Риксена продолжится и он станет певцом. Он решил стать футболистом; его первый большой клуб - АЗ из Нидерландов. С 2000-го по 2006-й он играл в центре полузащиты в Глазго - за "Рейнджерс", и в сезоне 2004-2005 его признали лучшим игроком команды в сезоне.

С любовью к веселью у Риксена всегда все было в порядке. В 2017 году издание Sports.ru рассказывало, как после проигрыша в одном из главном дерби Европы - "Рейнджерс" против "Селтика" - не очень трезвый Риксен пытался вломиться в дом полузащитника команды-соперника Алана Томпсона. Он хотел высказать накопившиеся по поводу игры претензии. Дверь Риксену не открыли, и он выкрикивал свои угрозы в дверную щель для почтовых конвертов.

В 2006 году голландский тренер Дик Адвокат позвал Риксена в "Зенит", причем приглашение поступило в тот момент, когда футболист лежал в больнице под капельницей, избавляясь от алкогольной интоксикации.

В России он выиграл национальный чемпионат, кубок УЕФА (сейчас Лига Европы) - причем в финале "Зенит" обыграл "Рейнджерс" - и Суперкубок УЕФА. Но ушел из команды из-за нарушений дисциплины. Это было летом 2009-го.

"Вот мы уже 11 лет так и живем - в России, в Голландии, в Турции. Последнее время - в Валенсии, - рассказывает Вероника Риксен. - Так получилось, что все условия для мужа мы смогли найти в Шотландии, в Испании их нет. Фернандо постоянно здесь, а мы с дочерью то тут, то там. Она вообще думает, что хоспис - это наш второй дом".

19 июня Вероника и Фернандо Риксены прямо в хосписе St. Andrews устроили маленькую вечеринку для их дочери - Изабелле Риксен исполнилось семь лет.

Хоспис - красное двухэтажное здание рядом с центральным парком шотландского городка Эйрдри. Жаркий день, вокруг тишина, персонал вывозит пациентов в парк на прогулку.

"Все началось на тренировках, - вспоминает Вероника Риксен. - С мышцами на ногах вдруг появились проблемы. Потом теннисный мяч взять не смог - просто не сжималась рука". Она вспоминает, что была в Санкт-Петербурге у мамы, созвонилась с мужем по скайпу и сначала заподозрила в том, что он пьян - дикция была нечеткая. Но дело было не в алкоголе.

В октябре 2013-го Фернандо Риксен с дочерью за руку зашел в одну из больниц в Амстердаме - забрать результаты анализов, которые он сдал, чтобы разобраться: что же с ним такое. Вероника Риксен вспоминает, что доктор говорил настолько прямо, что семья оказалась к этому не готова.

Он сказал, что болезнь неизлечима, она прогрессирует. И жить Фернандо Риксену осталось год - не больше.

30 октября 2013-го Риксен был в эфире нидерландского телеканала BNNVARA, рассказывал о только что опубликованной автобиографии. Запнулся, еще раз запнулся, чуть не заплакал, но сказать так и не смог - о болезни футболиста в эфире объявил соавтор его книги Винсент де Вриз.

Боковой амиотрофический склероз выявлен и описан еще в 60-х годах XIX века как "дегенеративное заболевание центральной нервной системы". Это по-прежнему неизлечимое заболевание. От него умерли советский эстрадный музыкант Владимир Мигуля, звезда американского бейсбола Лу Гериг, физик и космолог Стивен Хокинг.

31 июля 2014 года бейсболист Пит Фрейтс, у которого заболевание выявили двумя годами раньше, запустил флешмоб под названием Ice Bucket Challenge. Его участники должны были облить себя ледяной водой и сделать пожертвование фонду, который занимается исследованием бокового амиотрофического склероза.

Первоначально инструкция, которую опубликовал Фрейтс, была адресована только партнерам по команде из колледжа. Но в итоге до конца 2014 года под одноименным хэштегом появились миллионы видео. В акции приняли участие звезды шоу-бизнеса, известные спортсмены, политики, актеры, бизнесмены. В ней принял участие и Фернандо Риксен с партнерами из "Зенита". В общей сложности на изучение заболевания собрали 220 миллионов долларов.

В 2016-м появилась единственная новость что фонд Project MinE, куда перечисляли деньги от флешмоба, смог открыть ген этого заболевания. С тех пор о прогрессе в изучении бокового амиотрофического склероза неизвестно ничего

Wednesday, June 19, 2019

Антисоветские партизаны в Литве - герои или преступники?

В современной Литве множество памятников участникам антисоветского подполья. Но не все жители готовы согласиться с тем, что после Второй мировой войны все партизаны были идеалистами и боролись исключительно с советскими властями.

Живых свидетелей тех событий становится все меньше, а споры об исторической правде доходят до европейских судов и выливаются в дипломатические скандалы.

Пани Онуте ухаживает за могилами бабушки и двух тетушек. Она рассказывает, что ее родственники были убиты людьми, которых литовские власти объявили героями - антисоветскими партизанами.

После восстановления независимости рядом с домом матери пани Онуте появился памятник партизанам.

"Так мама говорила: пойду и разобью! Потому что ее мать была застрелена ими - и две молодые сестры. Но моя сестра ее не пустила. Сказала: если разобьешь памятник, то штраф наложат или в тюрьму посадят", - рассказывает пани Онуте Русской службе Би-би-си.

В современной Литве участники антисоветского сопротивления считаются героями. Им устанавливают памятники и мемориальные доски. Но простые жители окрестностей литовского города Друскининкай называют партизан бандитами и описывают другую сторону антисоветского сопротивления.

В 1940 году Литва была оккупирована Советским Союзом. Коммунистическая власть депортировала и сослала в Сибирь около 270 тысяч человек, треть из них погибла. На этом фоне в Литве началось антисоветское сопротивление.

В 1941 году пришли гитлеровцы с новой волной насилия, в 1944 они отступили, вернулась советская власть. Литовское сопротивление ушло в подполье.

Так началась партизанская война, которая длилась еще десять лет после окончания Второй мировой войны и обернулась тысячами жертв среди гражданского населения.

Партизанская война по сей день вызывает не только споры среди историков, но и реальные дипломатические конфликты, а также судебные дела в Литве и Европейском суде по правам человека.

"Идеальная невидимая армия"
Альбинас Кентра был антисоветским партизаном. Сейчас ему 92 года. Его отец умер от сердечного приступа после прихода советской власти - "не смог этого пережить".

"Они начали террор, аресты людей, разрушение нашей экономики, - говорит Кентра. - Мы 20 лет жили в независимой Литве. Мы создали прекрасную страну. Я помню, все села по вечерам пели. Когда пришли русские, люди перестали петь".

Когда в 1944 году советские войска вытеснили немцев, Кентре было 17 лет. У него было двое старших братьев и две младшие сестры. Он вспоминает, как мать собрала детей и сказала, что теперь они взрослые и "должны защищать Литву и литовцев".

Семья построила бункер под собственным домом, а старший брат стал командиром одного из партизанских отрядов. Участие в этом, по его словам, принимала вся семья.

Кентра рассказывает, как они годами скрывались в лесах, жили в бункерах и домах людей, "которым можно было доверять".

Еду давали местные жители. Бывший партизан говорит, что простые литовцы поддерживали сопротивление, чем могли, и делали это добровольно.

Партизанские ячейки появились по всей Литве. По оценкам литовских историков, они насчитывали до 50 тысяч вооруженных бойцов, еще примерно столько же участвовали в сопротивлении без оружия, будучи, как говорят историки, "связными".

В 1949 году партизаны провели общенациональное собрание, установили централизованное командование и утвердили декларацию независимости Литвы. У них была своя подпольная типография и своя подпольная академия. Кентра называет это "идеальной невидимой армией".

"[Советские] солдаты везде нас поджидали. И все равно: взрослые и дети сообщали нам, где враги. Это была оборона национального масштаба", - вспоминает он.

Власти объявили борьбу с партизанами одним из своих приоритетов: их активно искали и арестовывали.

Один из лидеров партизанского движения Адольфас Романауска-Ванагас был арестован в 1956 году. После ареста врачи констатировали многочисленные раны, выколотый глаз и частично удаленные половые органы. Ванагас выжил, его отправили под суд и приговорили к расстрелу.

Кентра говорит, что партизаны "не боялись умирать за Литву, потому что знали, что умрут". Чего они не знали, так это того, что ни США, ни другие страны помогать им не собираются.

"Мы не знали последствия Ялтинской конференции, ее держали в секрете. Мы ждали, что наши друзья из США и других стран придут, - продолжает Кентра. - Наши партизаны были так хорошо экипированы, что если бы была помощь извне, то мы освободили бы Литву за несколько дней".

Кентра был арестован в 19 лет. Семь лет отсидел в лагерях. Партизанская война продолжалась до середины 1950-х. Последний арест по делу о литовском вооруженном подполье был в 1965 году.

По словам литовского историка Миндаугаса Поцюса, больше тысячи партизан были приговорены к смертной казне, около 20 тысяч были убиты в боях. Тысячи были арестованы и отправлены в лагеря.

Найденные в прошлом году останки Ванагаса были перезахоронены с почестями. А 2018 год был официально объявлен годом его памяти. В Литве установлено три памятника в его честь, еще один недавно появился в Чикаго.

Общее число памятников партизанам неизвестно, но их можно найти даже в самых маленьких городках страны.

Только вот у некоторых жителей этих городков совсем иные личные воспоминания о послевоенном периоде - им больно видеть, как партизаны становятся героями.

Monday, June 10, 2019

庇荫生态保护与埃塞俄比亚北部的“圣林”

埃塞俄比亚北部的德伯雷泰伯镇(Debre Tabor)附近的教堂森林里,一群孩子挤在非洲杜松树荫下听故事。我们一行12个人(看起来明显是外国人)走近树林,三个女人从路边走过,她们的交谈声透过浓密的树林传了过来。

孩子们发现我们来到树林边,即沿着尘土飞扬的小路向我们跑来,他们跳过一堵低矮的石墙,躲到树枝下,好奇地接近我们。我身边是一群研究人员,由纽约州科尔盖特大学的生态学家卡德勒斯博士(Dr Catherine Cardelús)带队来了解这里的森林生态。这些孩子们已经是这方面的专家了,因为他们在这座树林里长大,这也是他们唯一见过的森林,他们对这里了如指掌。

我现所在的这片森林被称为“圣林”。在埃塞俄比亚还有一千多片这样的森林以近乎完美的格子状分散于各地,每片森林都守护着位于其中心的一座传统埃塞俄比亚正教教堂。根植于当地人民社会和精神生活中,这些整齐分布的小森林彼此之间相隔约2公里,所以任何当地人都离教堂不远。埃塞俄比亚森林教堂担当了很多社会功能,比如说社区中心、集会地点、学校、宗教仪式举行地、埋骨之地甚至是厕所,也为长途跋涉者洒下仅有的一片阴凉。有些圣林很容易找到,比如说塔纳湖上的岛屿森林,从巴赫尔达尔城(Bahir Dar)出发,坐半个小时船即可到达,而我现在所在的地方,贡德尔南部、巴赫尔达尔以东的乡村山区,教会森林就难找得多了。

每片森林在这片土地上都十分显眼,因为在埃塞俄比亚经历过大规模乱砍滥伐后,这是该国仅存的绿色地。有些圣林已有一千多年的历史,这些珍贵的树木得以保存下来要归功于“庇荫生态保护”,即一种因宗教信仰所附带产生的生态保护现象。即便如此,圣林面积依旧很小,并且仍受到道路、房屋和田地扩张的威胁。矛盾的是,人类既要保护这些森林,又对这些森林的存亡构成了最大的威胁。

一位埃塞俄比亚正教会的教士来到森林边,经过翻译的解释,他知道了我们来这儿的目的是探究当地人与他们作崇拜的森林之间的关系。他点了点头,然后我们跟着他沿着尘土飞扬的小路走进森林,将田间蒸腾的热气留在了身后。

每片森林的平均面积只有五个足球场那么大,所以用不了几分钟就从外缘走到了中间的教堂。森林中的树木以环状排列,围绕着中间的一块空地,形状酷似甜甜圈。空地被石墙环绕着,中间坐落着一座圆形教堂,顶部点缀着华丽的十字架,红、黄、绿三色醒目地勾勒出屋顶的轮廓。后来我才知道,教堂和这堵墙之间的距离传统上被描述为“40臂之遥的天使”。

教士解释说,教堂森林之所以神圣是因为每座教堂里都收藏着一个“塔波特”(Tabot),据说是原版约柜的摹本。“塔波特”圣洁的光环从中心向外扩散,所以离教堂越近的地方就越神圣。圣林中的树木也是如此,它们与教堂融为一体,被视为教堂的一件衣服,这就是为什么只有离教堂最近的一小圈树木得以被护下来,构成了一片片被田野包围的小森林。

然而,小森林更易受到人类活动和自然灾害的影响。在过去的几十年里,埃塞俄比亚大面积的森林遭到滥砍滥伐。如今,埃塞俄比亚的森林覆盖率只有5%,而在一世纪前,这一数字高达45%。虽然消失的主要是森林之间的树木,但圣林也受到了间接的影响。

我和队里的地理学家斯库尔博士(Dr Peter Scull)盘腿坐在林边,看着农夫赶牛穿过旁边的田地。斯库尔告诉我,研究小组是如何利用历史影像记录来精确定位、测量大小,并确定在过去一个世纪里森林地貌发生了怎样的变化。想不到为战争所开发的技术现在正在助力保护教堂森林。

斯库尔解释说,上世纪30年代末,占领埃塞俄比亚的意大利军队对埃塞俄比亚进行了航拍,并在1941年撤退时把这些照片储存在弹药箱里,直到2014年,在埃塞俄比亚测绘局位于亚的斯亚贝巴的地下室里才发现了意大利军队遗留的8000张照片。

二战结束后的上世纪60年代,美国的科罗纳卫星测绘计划也包含了这个地区。“科罗纳”是美国首个空中摄影侦察间谍卫星,于冷战高潮时期发射,用于识别前苏联可能的导弹发射场。1995年,美国前总统克林顿(Bill Clinton)解密了这批图片,研究人员将这些历史照片与现在谷歌地球的照片进行对比后发现森林的边界其实并没有缩小,而且,事实上一些森林反而还扩大了,因为当地人民为了获取木材种植了非本地树种的桉树。

但图像显示,历史上教堂森林之外还生长有树木和灌木,起到了缓冲带的作用,保护树木免受风沙侵蚀和温度湿度变化的影响。在过去的几十年里,缓冲带里的树木被用作建材和燃料,林地也变成了田地。森林和田地之间没有任何过渡,缓冲带就这样完全消失了。

此外,从照片里我们还可以看出,原来的森林十分密实,而现在阳光可以通过稀疏的树木照射进原密不透光的林间。随着森林间树木的减少,每一片森林都成为了动植物的孤立栖息地。从空中俯瞰大地,散落的绿色森林就像挤在一起寻求保护的幸存者。

然而,仅通过航拍我们无法得知生长树木的种类、幼苗的数量,以及土地是否有植物所需营养和人类活动造成了多大的干扰。所以,我们需要派出“地面部队”

我们这群研究者花了整整一天收集土壤和植物树叶样本,比如说非洲李(一种树冠宽大的非洲樱桃)和非洲杜松(当地一种生长缓慢的树木,过去数量丰富时用于建造教堂)。围在我们身边的孩子们刚开始都很害羞,但没过一会就争着用阿姆哈拉语喊出树木的名称,听完我们模仿的发音后哈哈大笑。有些孩子问我们:“这是不是你们见过的最美森林?”

然而,我们并非置身苍翠繁茂的热带雨林或北美无边无际的针叶林。像这样的森林,有许多人造的痕迹,如小路、楼房和空地,往往还有大片杂草般的植物,抑制了其他植物的生长,同时还有太多非本土树种,侵占了本土物种的地盘。

这些森林充满生机,但却并不健康。现在孩子们在森林里跑进跑出、嬉戏玩耍,但当他们要承担起管理工作的时候,就会开始担心这些遗留的问题。

一片健康的森林应有浓密茂盛的树冠和生长于林下叶层的树苗。生态学家伍兹博士(Carrie Woods)指着树冠说:“我们去过的森林有的树确实很粗壮美丽,但问题是,你往下看,就会发现树下满是杂草和岩石。”某些森林里,根本没有幼苗。

Monday, May 27, 2019

#MeToo:好莱坞电影大亨韦恩斯坦性侵案“将以4400万美元和解”

据美国媒体报道,丑闻缠身的好莱坞著名制片人哈维·韦恩斯坦以及他的前电影公司董事会成员就韦恩斯坦被控性害等不当行为一事,与指控他的多名女性达成初步和解协议。

律师表示,这份民事诉讼和解协议以及对案件受害人的赔偿大约值4400万美元(3470万英镑)。

韦恩斯坦被指对超过75名女性有过性骚扰或者不当对待,但韦恩斯坦一直否认。

另一方面,他将于6月在纽约就两名女性提出的刑事指控出庭受审,罪名当中包括强奸。

美联社报道指,电影公司的另一名创始人、哈维的兄弟鲍勃·韦恩斯坦(Bob Weinstein)的律师亚当·哈里斯(Adam Harris)向法官表示,他们与民事案件的案件受害人达成“原则上的经济协议”。

演星阿什莉·贾德(Ashley Judd,艾殊莉·茱迪)是最早站出来指控韦恩斯坦的女性之一,她在这一消息传出后在推特(Twitter)上发文表示,她控告韦恩斯坦的案件是另外一宗独立的法律案件,目前诉讼仍然继续,而她要将他告上法庭。

67岁的哈维·韦恩斯坦是好莱坞最著名的制片人之一,他监制过一系列得奖电影,包括《莎翁情史》(Shakespeare in Love,《写我深情》)、《国王的演讲》(The King's Speech,《皇上无话儿》)以及《艺术家》(The Artist,《星光梦里人》)。

自1999年至今,他监制过的电影总共赢得过81座奥斯卡小金人。他在1970年代创办了米拉麦克斯(Miramax)电影公司,该公司一开始主要是制作艺术片。

2005年,他与米拉麦克斯分道扬镳,与弟弟鲍勃共同创办韦恩斯坦影业(Weinstein Co)。

2017年,新闻网站Quartz报道,韦恩斯坦在好莱坞已经权倾一时,以至于在奥斯卡的获奖致辞当中,人们感谢他的次数与感谢上帝不相上下。

2017年10月,《纽约时报》刊发报道,披露数十年来针对哈维·韦恩斯坦性骚扰的指控细节。

除阿什莉·贾德之外,演员露丝·麦戈万(Rose McGowan)也是最早站出来指控的女性之一。

这些指控当中,包括指控韦恩斯坦强迫多名女性为他按摩,以及看他裸体。他还被指曾答应帮助一些女性的事业发展,以此换取性服务。

这名电影制片人发表过一份道歉声明,承认自己曾经给他人“造成很多痛苦”,但是他否认自己曾在近三十年当中骚扰多名女性雇员。

对韦恩斯坦的公开指控引发了一场被称为“#MeToo(我也是)”的运动,数以百计的女性出来指控一些高知名度的男性性骚扰和性侵害,他们所属领域包括商界、政界和娱乐界。

据美国媒体报道,案件多名原告和她们的律师,还有韦恩斯坦影业的前雇员和债权人,将会瓜分其中的3000万美元。余下的1400万美元将属于韦恩斯坦法律团队的费用,包括一些在案件中被列为辩护人的电影公司前董事会成员。

和解协议涉及的女性事主名单未有公开。

《华尔街日报》指,这份协议的目的,是要达成一项对全世界所有针对韦恩斯坦的民事起诉有效的和解方案。目前韦恩斯坦在美国、英国及加拿大均有被起诉。

《综艺》(Variety)杂志报道,其中一些涉事的原告对于和解协议的金额犹豫不决,这有可能给协议带来不确定因素。

预计调解工作将会在下周继续进行。至目前为止,据报在不同利益方之间已经进行了超过11场调解会议,合共用时超过133小时。5月15日,法庭文件形容调解过程是“高度对立”。

这项协议是针对一宗民事事务,因为对于这名电影大亨受到的其他刑事指控审讯没有影响。

韦恩斯坦将要在6月3日出庭,就两名女性的五项性侵指控接受审讯。他已经否认控罪,也否认了所有非自愿发生性行为的指控。

Thursday, May 2, 2019

孟晚舟案后又一在华加拿大人判死 重燃中国“行刑外交”质疑

加拿大法院准备下周开始聆讯,处理美国就华为首席财务官孟晚舟的引渡申请。而就在这时,中国一个地方法院就当地一宗贩毒和制毒案判处多人死刑,包括一名加拿大籍被告,时间巧合令外界质疑中方透过这宗毒品案,再向加拿大就孟晚舟案施压。

广东省江门市中级人民法院周二(4月30日)的公告指,加拿大籍被告范威等人2012年7月至11月贩卖和制造约6.3公吨冰毒和360多克安非他命。同案一名美国人、四名墨西哥人和一名法院没有说明国籍的被告都被判死刑。

范威等被告人仍可在5月10日前提出上诉,也就是孟晚舟引渡案开审后两天。

范威是去年孟晚舟案后,第二名被中国法院判处死刑的加拿大人。辽宁大连市中级法院今年1月同样以毒品有关罪名,判处加拿大人谢伦伯格(Robert Lloyd Schellenberg)死刑。

中国外交部发言人耿爽在周二的例行记者会被问到范威案件,但他没有直接谈到范威的判决是否与孟晚舟的引渡聆讯有关。

加拿大外交部长弗里兰(Christina Alexandra,又译方惠兰)回应中国法院对范威的判决时,表示加拿大对判刑“十分担心”。她又指加拿大一直反对世界各国保留死刑。

加拿大全球事务部透过声明回应BBC中文查询,呼吁中国对范威减刑,又透露加方曾派员在周二旁听庭审。

美国乔治‧华盛顿大学教授郭丹青(Donald Clarke)接受BBC中文访问说:“中国法庭因为外在因素而加快或减慢庭审速度并不陌生”。

郭丹青早前评论谢伦伯格的案件时指出,原审法庭2014年拘捕谢伦伯格后,到2016年才开始审理他的案件,然后再用差不多两年半的时间,到去年11月才决定把谢伦伯格判囚15年

但孟晚舟去年12月1日被捕后,中国司法机关处理谢伦伯格案件的速度加快。辽宁省高级人民法院12月29日决定把案件发还重审后,把重审日期定于1月14日,前后只有16天。重审当天法庭用10小时审理证据,然后商议一小时后,就决定改判死刑。

郭丹青留意到,中国刑事案件发还重审十分罕见,而且中国官方主动安排外国媒体采访庭审过程。他认为这些迹象显示谢伦伯格的案子与孟晚舟在加拿大被捕有关。

但上海大邦律师事务所律师斯伟江认为,法官在审理过程中可以加快,也可以减慢,在法律程序中都是容许的。

他认为,法官加速或减慢处理一件案件“是观察的人自己判断”,外界没有办法判断这个决定是什么原因。

除了谢伦伯格,中国当局早前以危害国家安全为理由逮捕了加拿大前外交官康明凯(Michael Kovrig)和商人斯帕弗(Michael Spavor)。这一连串事件令加中两国关系空前紧张。

加拿大总理杜鲁多说,加拿大对中国的做法“十分担心”,当地政府之后对中国发出旅游警示,指中方“任意执法”,国民需加防范。

加拿大总理杜鲁多尚未就范威的案件表态。他4月28日接见到加拿大访问的日本首相安倍晋三时,谈及孟晚舟的案件,并强调事件要透过法律方法解决问题。

华为创始人、孟晚舟的父亲任正非二月接受BBC专访时,否认美国针对孟晚舟的指控,称之为“政治陷害”。

关于孟晚舟被捕一事,他说:“但是现在已经走了这一步,我们还是(会)通过法庭来解决这个问题。”

Friday, April 19, 2019

印度大选花絮:男子投错政党后"怒断手指"

被称为全球规模最大的民主政治工程印度选举正在进行之中。因为很多选民不识字,发生各种事件。

按世界银行和联合国教科文组织统计,全球人口最多国家除中国外就是印度。印度人口高达13.4亿,但识字率不足75%。

为了方便不识字的选民辨认自己希望选举的政党和候选人,不同的政党都被分配了属于自己的视觉标志。

但一名印度选民说,在意识到自己错投选票给他不支持的政党后,他砍掉了自己的食指。他怒断手指的照片和视频在印度的社交媒体上疯传。

帕万·库马尔说,他原来想投票给大象(社会民主党BSP),一不小心投票给了莲花(印度人民党BJP)。

他周四在北部布兰德沙赫尔投票。这是印度大选的第二阶段投票。他想投票给一个地区政党,但被投票机上各种符号搞晕了。

最后,他一不小心把票投给了印度人民党。

印度选举当局在投票后,于选民食指上抹下短期内无法磨掉的墨水印记,以防止重复投票。

达利特人:"贱民选民"
虽然各政党都有视觉标志,但还有许多地区政党和联盟不同,往往让选民感到迷惑。

库马尔先生是达利特人 (以前被称为不可接触者,贱民)。而社会民主党BSP的主要力量来自达利特人社群。

这一个阶段的投票被认为是对印度强大的地区政党至关重要。这些政党主导着各自邦的政治,常以有魅力的地方政客为领导。

2019年的印度大选从4月11日至5月19日分7个阶段进行。全国20个邦与直辖区9亿名已登记选民分成91个选区投票,选出人民院(下议院)新一届议员。

Monday, April 15, 2019

印尼总统大选焦点:到底有多少中国劳工在印尼工作

在民族主义抬头的背景下,这次总统选举的主要焦点是就业和经济。为寻求连任,总统佐科威(Joko Widodo)已经开始实施雄心勃勃的基础设施建设。他欢迎中国投资,并接受外国公司的贷款和合作。

他的竞争对手、退役将军普拉伯沃(Prabowo Subianto)指责总统卖国。反对派立法者声称,印尼正面临大规模中国劳工涌入。

印尼长期存在反华情绪,暴力行为也时有发生。在选举年里,这些话题容易引发争议。社交媒体在印尼影响力很大,上面充斥着中国劳工不断增加的传闻,左右着投票。

今年1月,数千名工人在苏拉威西岛(Sulawesi )莫罗瓦利(Morowali )的一个工业园区举行示威,这段视频在社交媒体上被广泛分享。该视频称,这些印尼工人在向中国移民表达抗议,称中国人挣得了更高的工资,抢走了当地人的饭碗。

但印尼人力部部长否认这一说法。他在推特上发文称抗议针对的是工资水平而非中国工人。一名被控传播假信息的嫌疑人被警方逮捕。

另外一些在社交媒体上得到广泛传播的图片里其实是机场的中国游客,但配上了耸人听闻的标题,称这些非法劳工正大量涌入印尼。

上个月,一条声称外籍劳工正离开一家钢铁厂的视频在网络上爆火,这家爪哇(Java)的钢铁制造商被迫出面澄清到底雇佣了多少中国人。

普拉伯沃怎么说?
在竞选活动中,普拉伯沃并未直接提及中国工人,而是将矛头对准总统改变管理外籍劳工的策略,这一策略旨在加快外籍劳工来印尼工作的申请程序。

他曾表示,“我们并非反对外国人来印尼。但是,如果我们向外籍劳工敞开国门,也要照顾好自己的人民,否则我们还能有什么呢?”

普拉伯沃还建议印尼向其他国家学习。他在竞选前的演说中表示,“(为了防止外籍劳工涌入,)美国想建立边境墙。而在澳大利亚,想进入的人被遣送到偏远的岛屿。”

数据说明什么?
印尼监管投资的政府机构称,中国是印尼第三大国外直接投资的来源地,仅次于新加坡和日本。数据显示,自2014年以来,中国企业在印尼投资达到近100亿美元。

些由中国支持的大项目遭遇严重困难。比如,投资高达60亿美元的雅加达至万隆高铁项目饱受延误。

在北苏门答腊岛(North Sumatra),环保主义者正通过法庭争取叫停由中国银行(Bank of China)提供支持的水电站项目,该项目总投资达到16亿美元,反对者称兴建大坝可能导致一种极度濒危的猩猩灭绝。

与此同时,在婆罗洲岛(Borneo)上,一家中国国有企业计划建造总投资近180亿美元的系列水电站。

印度尼西亚希望从中国吸引600亿美元的投资,但经济学人智库( Economist Intelligence Unit)的亚洲专家Fung Siu表示,不太可能达到这个数字。

这些中国支持的项目往往雇佣中国劳工,以削减成本,提高效率。

要衡量在印尼的外籍劳工人数,最准确的方法是查看已签发的工作许可数量。中国获得的外籍劳工许可数量最多,且呈上升趋势,2013年以来翻了一番。

然而,从数量上看,2018年印尼发放给中国人的外籍劳工许可只是略超过3万,远远低于一些人声称的数百万。

世界银行估计,总体来说,在2016年,外籍劳工仅占印尼总劳动力的0.06%,远远低于新加坡、马来西亚和泰国。

不过,在印尼的中国劳工可能比官方签发的工作许可证数目要多,但很难知道到底有多少。印尼工人联合会(KSPI)声称,数十万的低技能中国劳工正在通过旅游签证进入印尼。

另一方面,政府则声称,印尼工人从高技能中国劳工那里获得的培训,并从中受益。这些中国劳工最终返回家乡,当地团队就能接管他们的工作。

因此,虽然现有数据显示,来自中国和其他地方的外籍劳工仅占印尼劳动力总数的一小部分,但这一问题仍然极具争议,甚至容易引发不满情绪。这种情绪很容易在选举期间爆发。

Friday, April 5, 2019

事实查核:哪些国家同性性行为仍然违法?

汶莱制定新的法律,男性之间的性行为成为可以通过石刑砸死的罪行。

根据“国际同性恋联合会”(ILGA)表示,伊朗,沙特阿拉伯,叶门,苏丹,茅利塔尼亚以及尼日利亚和索马里亚的部分地区也将同性关系入死刑。

不过,确定哪些国家实际上已经实施了这些惩罚是困难的。国际特赦组织(Amnesty International )说,过去几年没有收到哪些国家根据这些法律而处决人民的报告。但是,之前伊朗和沙特阿拉伯有依据这些法律动刑之纪录。

在汶莱,同性恋是非法的,并可处以长达10年之监禁。汶莱的新法律亦将妇女之间的性行为定为刑事犯罪,处以40下之鞭刑或最长10年监禁。

ILGA称,目前有70个国家将同性关系定为刑事犯罪,其他国家则有各种形式之法律管制同性性行为。

俄罗斯被列入这70个国家之中, 尽管该国1993年已将同性关系合法化。但ILGA表示,过去十年来“各种压制法律的新规定”已经生效。在许多地方违反这些法律将受到长期监禁,罚款或甚或体罚。

在许多国家,挑战法律可能带来变化:肯尼亚高等法院将于5月24日裁定是否将同性恋合法化。

在博茨瓦纳,高等法院关于对同性性行为刑事定罪的判决将于今年到期。

同性婚姻
ILGA估计,全球26个国家的同性婚姻现已合法化。然而定义有时很棘手 ——譬如北爱尔兰同性婚姻尚未合法,但英国仍被包括在26个国家。

巴西与墨西哥也在26个国家当中,因为通过一个接一个的法律途径,在大部分的司法管辖区结婚在这两个国家是可能的。

Monday, March 25, 2019

中国进口鱼难倒肯尼亚渔业

炎炎烈日下,肯尼亚鱼贩梅查克·朱马(Mechak Juma)的鱼正在慢慢解冻,而他不太想让自己的顾客知道,这些鱼来自中国。

此时此刻,我们正身处基苏木(Kisumu)市的最大鱼市,这里毗邻非洲最大湖维多利亚湖东岸。

在阵阵叫卖声与汽笛声中,鱼市生意十分热闹。这对商人们是个好事,但本地的鱼贩们可以获得的收入并不多。

过去20年间,维多利亚湖鱼类资源急剧减少,鱼价因此飙升,由此带来的缺口越来越多是由从中国进口的便宜养殖鱼在填补。

“大家不想买中国鱼,因为他们不信任(养殖)生产过程,但我们没有太多选择,”站在装满中国罗非鱼的一个大编织筐旁,梅查克说道。

用来运冷冻鱼的多个纸箱跨越8000公里来到这里后,现在已成破烂,被丢进一个角落,而那些鱼都是养殖两年多的。

“人们更偏好本地鱼,但现在靠本地鱼我们赚不到钱,”29岁的他说。

“只有卖中国鱼,我才能养活全家。”

由于过度捕鱼及污染问题,过去20年间维多利亚湖的捕鱼量减少超过一半。与此同时,肯尼亚的人口增长了一倍。

而湖边不断扩张的水葫芦也给肯尼亚渔民带来很大麻烦。这些水葫芦相互交织,结成了一层厚厚的网,使得小型船只无法通行。

维多利亚湖的肯尼亚渔民每年本需要捕捞50万吨鱼,现在他们只能完成14万吨,只达到需求的四分之一。

中国公司和他们的肯尼亚合作伙伴抓住了这一机会。据称目前中国每年向肯尼亚出口的鱼类产品达170万美元,是三年前的两倍还要多。

中国人要填补这一空白并不难,因为中国人大规模养殖的淡水鱼罗非鱼与肯尼亚人在维多利亚湖大量捕捞的鱼属于同一类大品种,无论是口感还是外观都与肯尼亚人常吃的鱼很相似。

不同之处在于,中国鱼更便宜,每千克只需要1.7美元,而当地鱼每千克大约5美元。

对于肯尼亚渔民弗雷德里克·奥迪艾诺(Frederike Otieno)来说,似乎很难看到希望。

“我们花了很多个夜晚在船上,还花了一大笔钱在汽油上,我们不得不跟充斥市场的中国便宜养殖鱼竞争,”36岁的弗雷德里克说。

弗雷德里克做渔民已经10年了。他说,过去每天他可以赚大约3000肯尼亚先令(30美元),但现在只能刚过400先令。

去年11月,肯尼亚政府曾禁止进口外国罗非鱼,以期保护维多利亚湖渔业。但今年1月中国驻肯尼亚大使临时代办李旭航以“贸易战”称呼这一规定后,进口禁令被取消了。

另外有报道称,中国还威胁暂停对连接肯尼亚、乌干达、卢旺达及南苏丹的新铁路线的资金支持。

然而肯尼亚渔业部官方对这次政策反转解释称,“一大批(中国)鱼在蒙巴萨港(Mombasa Port)被扣留,这为当地供给带来不利影响”。

其实,肯尼亚当局一直采取措施改善维多利亚湖鱼类资源,他们会逮捕为节约时间及燃油而在靠近喂养区捕鱼的渔民。但这种威慑使得渔民们不得不行驶更远距离捕鱼,短期内导致鱼类价格升高。

肯尼亚最大的中国鱼进口商为东非海产品公司(East African Sea Food)。该公司主管约翰·穆萨法利(John Musafari)称,中国养殖的罗非鱼之所以物美价廉,是因为中国用的鱼饲料米糠价低且量大。

这种糠是稻米的硬外壳。在中国,大米在摆上市面销售之前通常会去掉这层外壳。

穆萨法利还表示,肯尼亚之所以无法大规模养鱼,是因为该国鱼饲料“极其昂贵”,肯尼亚现在用的鱼饲料大多是由玉米秸秆制成,玉米也是这个国家的主要粮食作物。

他希望将来肯尼亚可以有更多投资推动低价鱼饲料的发展。“这将极大有利于国家的水产业,”他说。

Sunday, March 24, 2019

मोदी-राहुल पाकिस्तान के यार तो फिर झगड़ा किस बात पर: वुसअत का ब्लॉग

लीजिए जनाब पाकिस्तान में मोदी का एक और यार पैदा हो गया है और उनका नाम है बिलावल भुट्टो ज़रदारी.

उनके और उनके अब्बा और फूफी के ख़िलाफ़ आज कल भ्रष्टाचार और बेनामी अकाउंट्स के ज़रिए अरबों रुपये ग़बन करने के केस खोल दिए गए हैं.

इसके बाद बिलावल की तोपों का रुख़ इमरान ख़ान सरकार की तरफ़ मुड़ना तो बनता है.

चुनांचे बिलावल ने पहला गोला ये दाग़ा कि मंत्रिमंडल के कम से कम जो तीन सदस्य उग्रवादी गुटों के साथ टांका फिट किए बैठे हैं, उन्हें फ़ौरन मंत्रिमंडल से निकाला जाए.

दूसरा गोला ये दाग़ा कि उन्हें यक़ीन नहीं कि सरकार अतिवाद और जेहादी संगठनों पर ईमानदारी से हाथ डाल रही है.

बस फिर क्या था, इमरानी तोपें भी हरकत में आ गईं और अब कई मंत्री कोरस में गा रहे हैं कि बिलावल की ऐसी बातों के बाद इंडियन मीडिया एक टांग पर नाच रहा है.

हांय, ये क्या हो गया?

जब नवाज़ शरीफ़ प्रधानमंत्री थे तो जो लोग उन्हें मोदी का यार कह रहे थे उनमें बिलावल भी सबसे आगे-आगे थे.

अब यही गीतमाला ख़ुद बिलावल के गले में पड़ गई.

अभी एक हफ़्ते पहले ही तो मोदी के नए यार ने मोदी के पुराने यार से जेल में मुलाक़ात की है. मुझे यक़ीन है कि नवाज़ शरीफ़ ने इस बालक को सिर्फ़ ग़ौर से देखा होगा. मुंह से कुछ न कहा होगा.

कुछ यही कहानी सीमा पार की भी है. वैसे भी पाकिस्तान भारतीयों के किसी काम का हो न हो मगर चुनाव में अक्सर पाकिस्तान ही काम आता है.

यहां बिलावल मोदी के नए यार हैं तो वहां राहुल पाकिस्तान के यार कहे जा रहे हैं.

क्योंकि जिस तरह बिलावल ने अतिवादी संगठनों की कार्रवाई पर सवाल उठा दिया है, उसी तरह राहुल ने बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठा दिया है.

मगर राहुल अकेले थोड़ी हैं. जब से मोदी ने 23 मार्च के राष्ट्रीय दिवस पर इमरान ख़ान को बधाई दी है तब से कांग्रेस की नज़रों में मोदी भी ये 'लव लेटर' लिखने के बाद पाकिस्तान के यार हो चुके हैं.

पर एक बात समझ में नहीं आई कि अगर राष्ट्रीय दिवस पर पाकिस्तान को बधाई दे ही दी थी तो फिर मोदी सरकार ने दिल्ली में पाकिस्तानी हाई कमीशन के रिसेप्शन का बायकॉट क्यों कर दिया?

मोदी और राहुल पाकिस्तान के यार और नवाज़ शरीफ़ और बिलावल भारत के यार तो फिर झगड़ा किस बात पर है?

कैसी अच्छी बात है कि बुरे वक़्त में दोनों देशों के नेता ही एक दूसरे से यारी निभाते हैं. और मूर्ख दुनिया समझती है कि दोनों एक-दूसरे के दुश्मन हैं.

ख़ैर दुनिया का क्या है? वो तो वर्ल्ड रेसलिंग फ़ेडरेशन की कुश्तियों को भी असली समझती है.

Monday, March 18, 2019

香港铁路发生40年以来首次列车相撞事故引发安全关注

香港铁路发生通车40年以来首次列车相撞事故,两列车在中环站隧道内相撞,损毁程度相当严重。

意外发生于星期一(3月18日)凌晨3时许,当时香港铁路公司正为新讯号系统进行试车,两列列车行驶至两条路轨的交汇时,疑信号失灵,两列车均未及煞掣导致意外。

事件中,有两名男车长受轻伤,当时车上并没有乘客。列车损毁程度相当严重,有座位被撞到完全翻侧,部份车门完全脱落,车厢地面充满玻璃碎片。

香港铁路公司宣布,荃湾线来往金钟到中环站之间星期一全面停驶,并指会彻查列车保护系统失灵的原因。香港铁路公司车务总监刘天成表示,两列车在测试新讯号系统的过程中,自动保护系统没有发挥功效导致列车相撞。

而按照港铁说法,此次追撞事件发生在荃湾线中环站前的轨道交汇点附近,是列车折返点。在清理完成之前,进城上班交通受到莫大阻延。

港铁公司获得英国西南铁路七年经营权
沙中线危机:让港铁在家遭诟病的前因后果
香港铁路公司作为香港地下铁路公司于1979年通车以来,长年以高于90%的准点率为荣,此外也极少发生列车出轨追撞这类事故,在正线上追撞,记忆所及,闻所未闻。

自2000年地铁公司上市;2007年12月与九广铁路网络合并并更名港铁以来,其海外业务迅速拓展,本地客运业务纵然整体仍维持高效,但调涨票价、列车拥挤、故障增加等事,滋生民怨。

目前港铁正受红磡站改造工程偷工问题困扰,面对多方调查,加上此次车祸,其所要面对之舆论压力,可想而知。

而涉事的讯号系统由香港铁路公司在2015年以33亿元购买,目的是为了加密班次应付人流。由购入新系统后,港铁不断在通宵没有乘客时进行测试,期间曾发生不少事故,包括2018年10月16日引发的四线廷误故障,造成香港交通大瘫痪6小时。

Tuesday, March 5, 2019

华为孟晚舟反诉加拿大政府违宪,其所面临的引渡程序走向如何

一场华为公司首席财务官孟晚舟律师团与加拿大政府之间就其被捕和引渡的拉据战上演了。据加拿大当地媒体报道,孟晚舟律师团队已经对加拿大政府、加拿大边境服务局和皇家骑警(即联邦警察)提起诉讼,指控他们在未告知她的情况下,就对她进行逮捕、搜查和审讯,这些做法都侵犯了她的宪法权利。

就在两天前加拿大司法部向检察部门签发引渡授权,标志着引渡孟晚舟进入司法程序。加拿大将在3月6日决定对其引渡聆讯作出安排。

两个月前,美国司法部起诉中国电讯巨头华为及孟晚舟,指控其向美国银行隐瞒出售给伊朗的设备,违反美国对伊朗的制裁;并提出窃取商业机密等23项指控。

美国向加拿大提出引渡孟晚舟到美国受审。中国要求释放孟晚舟,并对加拿大施压,质疑其司法独立。

此案件涉及多个国家的利益,其法律程序极其复杂,并可能受到政治因素左右。BBC中文为你梳理关键点,并分析背后的决定因素。

第一阶段:引渡聆讯的司法程序
加拿大司法部3月1日向其首席检察官签发引渡授权进行书(Authority to Proceed),不列颠哥伦比亚省最高法院(British Columbia Supreme Court)将在3月6日确定引渡聆讯的具体安排。

引渡聆讯并非刑事审判,其法律程序是为了确定如果孟晚舟在加拿大审判,其涉嫌的罪行有可能导致一年以上的监禁。根据加拿大《引渡法》和美加引渡协议,引渡人涉嫌的罪行需两国都认定为犯罪行为,才符合引渡条件,即俗称的“双重犯罪”(dual criminality)。

加拿大阿尔伯塔大学法律学院教授哈里顿(Joanna Harrington)对BBC中文说,3月6日还可能确定聆讯的期限、是否有证人出庭等。通常来讲,聆讯阶段需要数天时间,并经历证人出庭、证据呈堂、法官检阅材料及作出决定等程序。整个过程可能历时数月。

哈里顿说,引渡聆讯主要考虑是否有充分证据证明案件符合进入审判程序的要求。呈交给法庭的证据仅来自一方,即由美国在提出引渡时通过加拿大提供的案件记录(record of case)。记录不需要完整,充分即可。

哈里顿说,法官在聆讯程序中的角色“非常有限”。“加拿大的司法系统非常强大,法官独立且公正。《引渡法》明确了法官的职责。”

加拿大和美国之间存在长期的引渡关系。鉴于两国地理位置接近,加拿大的许多引渡请求都来自美国。两个国家具有共同的法律文化、相似的法律制度,因此存在高度信任。哈里顿分析,根据过去的案例来看,可以预测加拿大将批准引渡请求。

第二阶段:加拿大司法部长决定是否移交
一旦法官认定,如果孟晚舟在加拿大审判,其涉嫌罪行可导致一年以上的监禁,将发布拘押令(order for committal)。之后案件转交给司法部长,由其决定是否最终引渡。如果成功引渡, 孟晚舟将在美国受审。哈里顿说,最关键的决定在于加拿大的司法部长。不同于此前的司法程序,加拿大司法部长在审理引渡时会有“更广泛的考虑”。

司法部长将参考美加引渡条约的条款和加拿大《引渡法》的立法要求,来确定引渡后是否会对引渡人产生不公正的处理,或案件是否将会因外界因素承受压力。其还会考虑保障公平审判权利的加拿大《权利与自由宪章》(Charter of Rights and Freedoms),以最终确定是否执行引渡。

在聆讯的司法程序和司法部长审理阶段,孟晚舟均有机会上诉。哈里顿说,在引渡之前穷尽各种法庭程序并不罕见,而上诉亦将拉长整个审理时间。

中国一直要求加拿大释放孟晚舟。3月2日,在加拿大司法部签发聆讯授权之后,中国驻加拿大使馆发言人发表讲话,对签发行为表示“强烈不满和坚决反对”,认为事件呈现出“明显的政治干预”。

发言人说,“孟晚舟案不是一起简单的司法案件,而是对一家中国高科技企业的政治迫害。”

哈里顿认为,孟晚舟的律师的确可能用政治迫害的观点反驳指控。但只有在加拿大司法部长的审理阶段才有可能发挥作用。而政治因素也可能令案件在此阶段承受压力。

Monday, February 25, 2019

3月新规:首批21个罕见病药品减按3%征增值税

  目前,全国共有孤儿34.3万人,其中社会散居孤儿27.5万,占总数的80.2%;儿童福利机构内集中养育孤儿6.8万人,占总数的19.8%。截至2018年底,散居孤儿每月标准为1006元/人,集中供养孤儿每月标准为1371元/人。目前,全国共有儿童福利机构1217家,与2008年的不足300家相比,是当时的4倍多。其中按照事业单位法人登记的儿童福利机构544家,设有儿童部的社会福利机构673家,机构的总床位数已经超过10万张,总体上已经能够满足集中养育孤儿的基本需求。有些地方已经在探索将儿童福利机构服务向社会散居孤儿以及残疾孤儿拓展。

  据悉,民政部研究制定了《儿童福利机构管理办法》,该《办法》于2019年1月1日实施,是首部关于儿童福利机构的管理规章。《办法》明确了儿童福利机构服务对象、服务内容和程序以及内部管理制度。为让残疾孤弃儿童得到更好的医疗康复等服务,民政部近日制定了《“孤儿医疗康复明天计划”项目实施办法》,将于2019年3月1日起实施。《办法》扩大了受益孤儿的范围和资金资助范围等。

  《天津市残疾人就业规定》经天津市人民政府常务会议通过,将于2019年3月1日起施行。该项规定指出,用人单位应当按照本单位在职职工总数1.5%的比例安排残疾人就业。用人单位招用外省(自治区、直辖市)残疾人的,应当计入所安排的残疾人职工人数之内。

  用人单位招用残疾人职工,应当依法与其签订劳动合同,支付不低于本市最低工资的劳动报酬,并依法为其缴纳社会保险。对合同期满的残疾人职工在同等条件下优先续签合同。

  用人单位还应当每年按照规定向残疾人就业服务机构申报上年度本单位实际安排残疾人就业人数。用人单位安排残疾人就业达不到规定比例的,应当依法缴纳残疾人就业保障金。

  规定明确,对不按比例安排残疾人就业,且拒不缴纳保障金的用人单位,按规定列入不良征信记录,定期向社会公布。用人单位如果违反本规定,采取虚报安排残疾人就业人数等手段,骗取税收优惠待遇的,将由税务机关依法处理。

  贵州出台城市养犬管理规定

  《贵州省城市养犬管理规定》出台,明确:不清理犬便最高罚款5000元,犬只伤人最高罚款3万元。这项规定将于2019年3月1日起施行。

  根据规定,犬只伤害他人的,饲养人应立即将被伤者送至医疗机构诊治,并先行垫付全部医疗费用。没有立即将被犬只伤害人送至医疗机构诊治并先行垫付全部医疗费用的,由县级以上人民政府公安机关责令饲养人改正,给予警告;拒不改正的,可以对单位饲养人处5000元以上30000元以下罚款;对个人饲养人处100元以上1000元以下罚款。

  规定还明确,犬只外出排泄的,携犬人应当立即清理犬只排泄物。对于违反该规定且拒不改正的,对单位饲养人处500元以上5000元以下罚款;对个人饲养人处50元以上500元以下罚款。

  《青海省燃气管理条例》3月1日起施行

  《条例》对燃气事业发展、燃气使用安全、燃气经营者与用户的责任义务以及燃气管理部门职责等方面作了明确规定。

  《条例》规定,国家工作人员在燃气管理工作中、滥用职权、徇私舞弊、玩忽职守或者不履行法定职责的,依法给予处分,构成犯罪的,依法追究刑事责任;汽车加气站燃气经营者向无车用气瓶使用登记证或者与使用登记信息不一致的车用气瓶加气的、向车用气瓶以外的其他气瓶或者装置加气的、在燃气泄漏、燃气压力异常、附近发生火灾等危险情况下加气或者卸气的,视具体情况处以一万元以上二十万元以下罚款。

  《条例》规定,瓶装燃气经营者在气瓶充装前未按规定回收、处置燃气残液的,充装气量误差超过国家标准的,充装未经检验,超过检验期限、检验不合格、报废、改装等不符合安全技术规范的气瓶的,利用燃气槽车、贮罐直接充装气瓶的,视情节轻重,责令停止使用或停产停业,并处以五百元以上十万元以下罚款。

  《条例》规定,燃气用户及相关单位和个人在十层以上高层住宅建筑使用瓶装燃气,在户内同时储存、使用两种或者两种以上燃气,未使燃气泄漏安全保护装置保持正常工作状态,将户内燃气设施置于密闭空间内,加热、摔砸、倒置、横卧、曝晒燃气气瓶或者改换气瓶检验标记及漆色,随意倾倒瓶装燃气残液或者用气瓶相互灌充,自行处置报废气瓶及附属部件的,由县级以上人民政府燃气主管部门责令停止违法行为,限期改正;逾期不改正的,对单位处以五万元以上十万元以下罚款,对个人处以一千元以上五千元以下罚款。

  南昌:3月起住宅专项维修资金施行新规

  根据新出台的《南昌市住宅专项维修资金管理若干规定》,未配置电梯的商品住宅,业主按照住宅建筑安装工程每平方米造价的5%交存首期住宅专项维修资金;配置电梯的商品住宅,业主按照住宅建筑安装工程每平方米造价的7%交存首期住宅专项维修资金。

  住宅专项维修资金管理方面,南昌市规定,业主大会成立前,住宅专项维修资金由物业所在地市、县房产主管部门代管。业主大会成立后决定自行管理住宅专项维修资金的,业主大会应委托所在地一家商业银行作为本物业管理区域内住宅专项维修资金的专户管理银行并开立专户,专户以物业管理区域为单位设账,按房屋户门号设分户账,并书面通知房产主管部门,建立住宅专项维修资金管理制度。

  根据规定,住宅专项维修资金划转业主大会管理后需使用的,由物业服务企业提出使用方案,没有物业服务企业的,由相关业主提出使用方案。使用方案需经业主讨论通过,并在小区明显位置进行公示,向业主委员会提出列支住宅专项维修资金。(朱紫阳)

Wednesday, February 6, 2019

ममता बनर्जी- सीबीआई विवाद: जानिए, TMC-BJP किसको क्या मिला?

कोलकाता में रविवार रात से चल रही सियासी हलचल मंगलवार तक खत्म हो गई, लेकिन इसके मायने दूर तक निकाले जा रहे हैं. ऐसा पहली बार हुआ है कि अपने किसी अधिकारी को सीबीआई से बचाने के लिए कोई मुख्यमंत्री धरने पर बैठा हो. पश्चिम बंगाल में यह सब इतना तेजी से हुआ कि अनुमान की गुंजाइश ही नहीं बची.अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले को दोनों अपनी-अपनी जीत बता रहे हैं.

कोर्ट ने कहा है कि शारदा चिटफंड मामले में कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से सीबीआई शिलॉन्ग में पूछताछ कर सकती है. लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकता. उधर, राजीव कुमार को भी कोर्ट ने आदेश है कि वह सीबीआई के सामने पेश हों. ममता बनर्जी ने इसे अपनी जीत बताते हुए धरना खत्म कर दिया है, लेकिन यह सवाल उठना लाजमी है कि इससे टीएमसी और बीजेपी को मिला क्या?

फिलहाल पश्चिम बंगाल में बीजेपी के पास खोने के लिए कुछ नहीं था. बीजेपी जिस तरह ममता पर दबाव बनाए हुए थी, उसे देखते हुए ममता को एक मौके की तलाश थी और उन्हें वह रविवार को मिल गया. उधर, बीजेपी के पास ऐसे तमाम तर्क आ गए कि ममता भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही हैं और एक अफसर को बचाने के लिए आखिर क्यों आगे आ रही हैं?

विपक्ष का चेहरा बन गईं ममता

पूरे राजनीतिक घटनाक्रम को अगर तात्कालिक रूप से देखा जाए तो इस मुद्दे ने ममता बनर्जी को एकाएक विपक्ष का चेहरा बना दिया है. उन्होंने झटके में एक ऐसा कदम उठाया जिसका समर्थन करने के लिए तमाम दल इकट्ठा हो गए या उन्हें नैतिक समर्थन देना पड़ा. सपा प्रमुख से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव सहित विपक्ष के तामम नेताओं ने ममता को साथ देने की घोषणा की और कुछ नेता तो कोलकाता पहुंच गए. 

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद चंद्रबाबू नायडू ने ही उनका धरना खत्म कराया. वहीं से ऐलान किया गया कि अब अगली लड़ाई दिल्ली में लड़ी जाएगी. स्वाभाविक है कि इसके केंद्र में ममता बनर्जी ही होंगी. सपा-बसपा गठबंधन होने के साथ ही मायावती का ग्राफ एकाएक बढ़ गया था. चंद्रबाबू नायडू का ग्राफ भी चढ़ा था जब वह सभी विपक्षी दलों को एकजुट कर रहे थे. ममता की रैली में केजरीवाल तो महफिल ही लूट ले गए थे. लेकिन आज की तारीख में हालात बदल गए हैं और ममता एक बार फिर विपक्ष की ओर से रेस में आगे हैं.

कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया 

बीजेपी जिस तरह से बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पर दबाव बना रही थी उससे ममता के सामने संकट खड़ा हो गया था. अमित शाह का हेलिकॉप्टर उतरने की उन्होंने परमिशन नहीं दी. बीजेपी की रथयात्रा रोकने के लिए वह कोर्ट से भी नहीं डरीं और अपना पक्ष मजबूती से रखा. इससे एक संदेश जाने लगा था कि ममता बीजेपी से डर गई हैं. कार्यकर्ताओं में भी गलत संदेश जा रहा था. लेकिन एक झटके में उन्होंने पासा पलट दिया. 

सीबीआई के एक्शन के बाद टीएमसी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे, उन्होंने ट्रेनें रोकीं. नारेबाजी की और एक तरह से पूरा कैडर सड़कों पर आ गया. किसी नेता के लिए यह सबसे बड़ी बात होती है कि उसके एक इशारे पर उसके कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आएं और नेता के आदेश पर कुछ भी करने को तैयार रहें. ममता केंद्र सरकार और बीजेपी को निशाने पर लेती रहीं हैं, लेकिन सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं को सड़कों पर उतार देना बड़ी उपलब्धि मानी जाती है.

बीजेपी का मुकाबला वही कर सकती हैं

ममता यह संदेश देने में सफल रहीं की बीजेपी का मुकाबला वही कह सकती हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उनका समर्थन किया लेकिन उन्हीं के सांसद और पश्चिम बंगाल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने ममता की आलोचना की. उन्होंने कहा कि ममता भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही हैं. सीपीएम की हालत ऐसी हो गई थी कि वह कुछ कहने की स्थित में ही नहीं रही. वह ममता का समर्थन नहीं कर सकती थी और न ही सीबीआई का समर्थन कर सकती थी. ऐसे में जब पूरा देश एक घटना को कौतूहल की नजर से देख रहा था एक पार्टी का कोई प्रतिक्रिया न व्यक्त करना उसकी दुविधा को दिखाता है.

ममता ने अपने कदम से बता दिया है कि वही हैं जो बीजेपी का मुकाबला कर सकती हैं. उन्होंने ही सीपीएम का मुकाबला किया था. इसीलिए शायद उन्होंने धरने के लिए वही स्थान मेट्रो चैनल का चुनाव किया जहां उन्होंने सीपीएम के खिलाफ लंबा धरना दिया था और टाटा को सिंगूर से विदा करके मानी थीं. इसके अलावा वामपंथ के दुर्ग को भी धराशाही कर सत्ता पर काबिज हुईं.

Monday, February 4, 2019

सिरीज़ फोन Samsung Galaxy M10 और M20 की सेल 5 फरवरी को

स्मार्टफोन सेगमेंट में सभी के दिलों पर राज करने वाली कंपनी Samsung अब अपनी नई Samsung Galaxy M सिरीज़ के साथ तैयार है। सिरीज़ के दो नए फोन M10 और M20 खास तौर पर मिलेनियल पीढ़ी के लिए तैयार किए गए हैं। ये फोन amazon.in औरsamsung.com पर 5 फरवरी को दोपहर 12 बजे सेल के जरिए प्रशंसकों को मिल सकते हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1981 से 1996 के बीच जन्मी पीढ़ी को मिलेनियल पीढ़ी कहा जाता है।

मिलेनियल पीढ़ी की लाइफस्टाइल, कॅरियर च्वॉइस और रुचियां दूसरे लोगों से अलग होती है। इसी वजह से Samsung ने इस पीढ़ी के युवाओं के लिए खास फोन तैयार किए हैं। भारत की कुल आबादी का 34 प्रतिशत इसी पीढ़ी का हिस्सा है। ऐसे में Samsung के ये नए एंट्री लेवल फोन स्मार्टफोन मार्केट में अपनी धूम मचाने जा रहे हैं।

Samsung Galaxy M सिरीज़ की खासियत

इस सिरीज़ के फोन में पावरफुल प्रोसेसर, बैटरी, कैमरा और डिस्प्ले का समावेश है जो मिलेनियल पीढ़ी को पावर पैक्ड एक्सपीरियंस देने के लिए तैयार है।

Samsung Galaxy M20 के खास फीचर

डिस्प्ले: इसमें पावरफुल 16 सेंटीमीटर (6.3 इंच) FHD+ इन्फिनिटी वी डिस्प्ले का इस्तेमाल किया गया है। यह एज—टू—एज FHD+ डिस्प्ले उन मिलेनियल उपयोगकर्ताओं के लिए खास तौर पर तैयार किया गया है, जो अपने व्यूइंग एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना चाहते हैं। इसमें आपको 90 प्रतिशत से अधिक का स्क्रीन रेशियो मिलेगा।

बैटरी: इस फोन में 5000 mAH की बैटरी का इस्तेमाल किया गया है। यह बैटरी इतनी पावरफुल है कि दिनभर भरपूर इस्तेमाल के बाद भी यह खत्म नहीं होगी और आपको पावरबैंक साथ रखने की भी जरूरत नहीं होगी। इसके साथ ही यह फोन फास्ट चार्जिंग की तकनीक से भी लैस है। इसका 15W चार्जर इसे 3x फास्ट चार्ज करता है।

कैमरा: इसमें अल्ट्रावाइड एंगल लेंस के साथ पावरफुल डुअल कैमरा का इस्तेमाल हुआ है। मेन कैमरा 13 एमपी का है और अल्ट्रावाइड कैमरा 5 एमपी का। मुख्य कैमरा आपको लो—लाइट फोटोग्राफ के साथ ही पोर्टेट शॉट लेने में मदद करता है, जबकि अल्ट्रावाइड कैमरा आपकी आंखों की तरह 120 डिग्री तक कैप्चर कर सकता है।

फ्रंट कैमरा भी पावरफुल है जो 8 एमपी का है और इसमें इन—डिस्प्ले फ्लैश भी दिया गया है।

प्रोसेसर: यह फोन एक्सीनॉस 7904 ओक्टा कोर प्रोसेसर के साथ आता है। इसमें इन्हेंस्ड मल्टीमीडिया सपोर्ट है और यह मेजर सीपीयू और जीपीयू बेंचमार्क पर अच्छा परफॉर्म करता है। यह Samsung का नया प्रोसेसर है जिसे भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए खास तौर पर तैयार किया गया है।

मेमोरी स्लॉट: इसमें 2 VOLTe सिम स्लॉट्स हैं और साथ ही एक डेडिकेटेड मेमेरी स्लॉट भी है जिससे आप इसकी मेमोरी 512 जीबी तक बढ़ा सकते हैं।

सिक्योरिटी: इसमें फेसअनलॉक और फिंगरप्रिंट स्केनर दोनों की ही सुविधा दी गई है।

Samsung Galaxy M10 के खास फीचर

यह फोन उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो पहली बार स्मार्टफोन खरीद रहे हैं। फीचर फोन से स्मार्टफोन पर आने वाले उपयोगकर्ताओं को इसका इंटरफेस आसान लगेगा। इसमें आपको 15.8 सेंटीमीटर (6.22 इंच) का एचडीप्लस डिस्प्ले, एम20 की तरह का डुअल रेअर कैमरा, 5 एमपी का फ्रंट कैमरा, 3400 mAH की बैटरी मिलेगी।

आकर्षक कीमत में उपलब्ध हैं दोनों वेरियंट्स

Samsung Galaxy M20 का 4 जीबी/64 जीबी वेरियंट सिर्फ 12990 रुपये का है जबकि इसका 3 जीबी/32 जीबी वेरियंट आपको सिर्फ 10990 रुपये में मिलेगा।

इसी तरह Samsung Galaxy M10 का 3 जीबी/32 जीबी वेरियंट सिर्फ 8990 रुपये का है जबकि इसका 2 जीबी/16 जीबी वेरियंट आपको सिर्फ 7990 रुपये में मिलेगा।

Samsung Galaxy M10 और M20 के शानदार फीचर्स और वाजिब कीमत को देखते हुए भारतीय उपभोक्ता इसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं और उम्मीद लगाई जा रही है कि जैसे ही फोनamazon.in औरsamsung.com पर 5 फरवरी को सेल में दोपहर 12 बजे लाइव होंगे, सबसे तेज़ बिक्री का नया रिकॉर्ड बनाएंगे। ऐसे में भाग्यशाली रहने के लिए उपभोक्ता इन वेबसाइट पर Samsung Galaxy M10 और M20 के Notify Me ऑप्शन पर क्लिक कर रहे हैं जिससे वे 5 फरवरी को होने वाली सेल में यह शानदार स्मार्टफोन पाने का मौका न चूक जाएं।