Monday, December 31, 2018

क्यों Bigg Boss 12 जीतने से चूके श्रीसंत? ये है हारने की 5 बड़ी वजह

बिग बॉस 12 की ट्रॉफी भाई-बहन की जोड़ी में से दीपिका कक्कड़ इब्राहिम ने जीत ली है. श्रीसंत फर्स्ट रनरअप रहे. सोशल मीडिया ट्रेंड्स और फैंस के सपोर्ट को देखते हुए सभी को लगा था कि सीजन 12 की ट्रॉफी श्रीसंत ही जीतेंगे. लेकिन अंत में वे टीवी की बहू दीपिका कक्कड़ इब्राहिम से मात खा गए.

तीसरे नंबर पर बिहार के कंटेस्टेंट दीपक ठाकुर रहे. फाइनल के दौरान आखिरी वक्त पर उन्होंने ब्रीफकेस लेकर गेम छोड़ दिया. जीत के प्रबल दावेदार माने जा रहे श्रीसंत की हार से उनके फैंस बेहद निराश हैं. ट्रॉफी के इतने करीब आकर आखिर क्यों श्रीसंत विनर बनने से चूक गए? आइए जानते हैं 5 वजहें.

टीवी एक्ट्रेस की फैन फॉलोइंग ने दी मात

श्रीसंत इंटरनेशनल क्रिकेटर हैं. यंगस्टर्स और क्रिकेट लवर्स के बीच उनकी जबदस्त पॉपुलैरिटी है. लेकिन फैंडम के मामले में वे दीपिका से पीछे रह गए. ससुराल सिमर का से घर-घर में पॉपुलर हुईं दीपिका ने दर्शकों के दिलों में खास पहचान बनाई थी. जिसका फायदा उन्हें बिग बॉस में हुआ.

एग्रेशन पर शालीनता पड़ा भारी

दीपिका की बिग बॉस जर्नी अब तक के सभी कंट्स्टेंट्स से सभ्य और शालीन रही. सलमान खान ने उन्हें सीजन 12 की सबसे Dignified लेडी भी कहा था. दीपिका ने 105 दिनों के सफर में कभी गालीगलौच नहीं की, अपशब्दों का इस्तेमाल नहीं किया. बिना मतलब के मुद्दे नहीं बनाए और कभी आपा नहीं खोया. दीपिका के शांत और शालीन व्यवहार ने टीवी दर्शकों को इंप्रेस किया. वहीं श्रीसंत हमेशा गलत भाषा और एग्रेशन ही दिखाते नजर आए.

 टीवी बहू होने का मिला फायदा

दीपिका के बिग बॉस विनर बनने के पीछे सबसे बड़ी वजह हिंदी रीजन में उनका पॉपुलर चेहरा होना है. टीवी की पॉपुलर बहू का किरदार निभाने की वजह से उन्हें शो में फायदा मिला. श्रीसंत भी कम पॉपुलर नहीं हैं, लेकिन क्रिकेट के मैदान से दूरी और हिंदी रीजन में कम लोकप्रियता की वजह से उन्हें सीमित लोगों से ही सपोर्ट मिला. दीपिका को टीवी वर्ल्ड के सेलेब्स ने भरपूर प्यार दिया.

कहते हैं कि बिग बॉस का विनर बनने का रास्ता किचन से होकर जाता है. पिछले सीजन्स की लेडी विनर ने ये धारणा सही साबित की है. दीपिका की यही किचन स्ट्रैटिजी श्रीसंत पर भारी पड़ी. महिला वर्ग में दीपिका कक्कड़ की फैंन फॉलोइंग में इजाफा हुआ. दीपिका के घरेलू महिला कार्ड ने उन्हें जिताने में मदद की. श्रीसंत, कई टास्क में शामिल नहीं हुए. तमाम मौकों पर उन्हें देखकर लगता था कि वो लोगों से कट रहे हैं. दूसरी अहम बात यह रही कि आम कंटेस्टेंट को लेकर श्रीसंत का सेलिब्रिटी रवैया भी उनके खिलाफ गया. 

श्रीसंत की एक आदत ऑडियंस को सबसे खराब लगी. शायद इसी बैड बॉय इमेज ने उन्हें ट्रॉफी से दूर रखा. श्रीसंत ने शो में कई बाद कॉमनर कंटेस्टेंट को नीचा दिखाया. वे हर बात पर सेलेब्रिटी स्टेट्स दिखाते थे. उन्हें घमंडी, बिगड़ैल और बदतमीज भी कहा गया. क्रिकेटर ने दीपक को एक बार खुद को नौकर तक कह दिया था. कई बार कंटेस्टेंट की सोशल स्टेटस को लेकर ऐसा कमेंट किया गया, जिसे वोट करने वाला हिंदी पट्टी के आम दर्शक ने बिल्कुल पसंद नहीं किया होगा.

Monday, December 17, 2018

साउथ की इस एक्ट्रेस पर लगा ड्रग्स सप्लाई करने का आरोप, अरेस्ट

मलयालम टीवी और फिल्मों की लोकप्रिय अभिनेत्री अश्वथी बाबू को ड्रग्स रखने के आरोप में कोच्चि (केरल) में उनके ड्राइवर के साथ गिरफ्तार करने की खबरें सामने आ रही हैं. त्रिकक्करा पुलिस थाने के एक अधिकारी ने गिरफ्तारी की खबर को कन्फर्म भी किया है.

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आईएएनएस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने के अनुरोध पर कहा, "अश्वथी और उनके ड्राइवर को रविवार को उस समय हिरासत में ले लिया गया, जब वे यहां अपने आवास के नजदीक एक कस्टमर को एमडीएमए नामक ड्रग्स देने का इंतजार कर रहे थे."

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अधिकारी ने बताया, "उनकी गिरफ्तारी दर्ज की गई है और इस मामले में और विवरण जुटाने के लिए एक विस्तृत जांच शुरू की गई है."

अश्वथी तिरुवनंतपुरम से हैं और उन्होंने कई फिल्मों और धारावाहिकों में काम किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक "एमडीएमए" आमतौर पर देर रात की पार्टियों में लिया जाता है. पुलिस ने बताया कि रविवार की गिरफ्तारी मुखबिर की एक सूचना के आधार पर हुई.

अशोक गहलोत के शपथ ग्रहण समारोह में 2019 आम चुनाव के मद्देनजर विपक्षी एकजुटता की तस्वीर भी नजर आई. गैर-बीजेपी दलों के नेताओं में आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू, नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला, एनसीपी नेता शरद पवार, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव, झामुमो के हेमंत सोरेन और जनता दल सेकुलर से एचडी देवेगौड़ा और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी भी मंज पर नजर आए.

वसुंधरा ने भी शिरकत

राजस्थान के नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण में निवर्तमान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी शामिल हुईं. राजे नए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट से पहले ही मंच पर नजर आईं. इसके बाद जब गहलोत और पायलट मंच पर पहुंचे तो उन्होंने वसुंधरा से हाथ मिलाकर उनका अभिवादन किया. सचिन पायलट ने शीष झुकाकर पूर्व मुख्यमंत्री राजे का आशीर्वाद लिया.

शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेताओं का जमावड़ा भी नजर आया. राजस्थान के चुनाव प्रभारी अविनाश पांडे और सह-प्रभारी काजी निजामुद्दीन समेत वरिष्ठ नेता व पर्यवेक्षक केसी वेणुगोपाल भी यहां नजर आए. इनके अलावा आनंद शर्मा, मल्लिकार्जुन खड़गे, राजीव शुक्ला और राज बब्बर जैसे वरिष्ठ नेता भी पहुंचे.

Sunday, November 4, 2018

मेरा और ऐश्वर्या का मेल नहीं खाता: तेज प्रताप यादव

तलाक़ की अर्ज़ी संबंधी ख़बरें आने के बाद तेज प्रताप अपने पिता लालू यादव से मिलने शनिवार को पटना से रांची तो निकले, लेकिन रात उन्होंने बोधगया में बिताई.

सुबह वहां से रांची के लिए रवाना होने के पहले उन्होंने पत्रकारों से कहा, "ये सच्चाई है कि हमने आवेदन दिया है और ये लड़ाई हम लड़ेंगे. घुट-घुटकर जीने से कोई फ़ायदा नहीं है."

एक स्थानीय चैनल से बातचीत में तेजप्रताप ने कहा, "मेरा और उनका मेल नहीं खाता है. हम पूजा-पाठ करने वाले धार्मिक व्यक्ति हैं और वो दिल्ली में हाई सोसाइटी में रहीं हैं. हमने अपने मम्मी-पापा को भी समझाने की कोशिश की है कि हमारा इनका मेल नहीं खाता है, लेकिन मुझे मोहरा बनाया गया. मेरे घरवाले भी मेरा साथ नहीं दे रहे हैं."

मोहरा बनाने का मतलब तेजप्रताप ने यह बताया कि उनकी मर्ज़ी के खिलाफ उनकी शादी करवाई गई. तेजप्रताप के मुताबिक डेढ़-दो महीने से उनकी ऐश्वर्या से कोई बात नहीं हुई है और लालू हाल के दिनों में जब जमानत पर घर थे, उस वक़्त भी ऐश्वर्या झगड़ती रहती थीं.

उधर मीडिया की निगाहें लालू और तेजप्रताप की रांची में होने वाली मुलाकात पर भी थी. शनिवार दोपहर करीब तीन घंटे तक मुलाकात के बाद तेजप्रताप ने वापस लौटते हुआ अपना बोधगया का यह बयान दोहराया कि 'आदमी घुट-घुट कर तो नहीं न जी सकता है'.

तेजप्रताप ने कहा, "डिवोर्स जो फ़ाइल करना था वो हमने फ़ाइल कर दिया. मेरा फैसला अडिग रहेगा और अपने पिताजी के आने का भी मैं इंतज़ार करूंगा. लालू जी बोले कि आएंगे तो इस पर मिल-बैठकर बात करेंगे."

तेज प्रताप के अलावा लालू परिवार की ओर से तलाक की अर्ज़ी पर शनिवार शाम को बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का बयान आया. वो शनिवार को राष्ट्रीय जनता दल द्वारा आयोजित अति पिछड़ा सम्मलेन में शामिल होने पटना के एसकेएम हॉल पहुंचे थे.

कार्यक्रम के बाद पत्रकारों ने जब उनसे तेज प्रताप के बारे में सवाल किए तो उन्होंने कहा, "ये कौन सा पब्लिक इंटरेस्ट का बात है? हम आपसे पूछ रहे है कि आपके घर में कल क्या खाना बना? आपने बनाया कि आपकी वाइफ़ ने बनाया? ये सब बात पब्लिक इंटरेस्ट की नहीं है. हमारे परिवार की चिंता छोड़ दीजिए. ये पारिवारिक मामला है और परिवार के लोग इसका समाधान करेंगे."

हालांकि इसी सम्मलेन में उन्होंने अपने परिवार के लिए समर्थन मांगा. सम्मलेन में उन्होंने कहा, "आप लोगों को लालू जी ने बहुत कुछ दिया और आप लोगों ने भी लालू जी को बहुत कुछ दिया. हम बस इतना चाहते हैं हैं कि आपका प्यार, आशीर्वाद अपने भाई-बेटा पर बना रहे ताकि सूद समेत आपको वापस लौटा सकें. हमें अपने परिवार की नहीं अपने देश और बिहार की चिंता है."

शनिवार देर शाम तेज प्रताप के साथ चल रहे उनके दोस्तों ने रांची में मीडिया को बताया कि तेज प्रताप दर्द और हल्के बुखार की चपेट में हैं. डॉक्टरों के मुताबिक थकान और तनाव के कारण ऐसा हुआ है और उन्हें अच्छी तरह आराम करने की सलाह दी गई है.

इस बीच ऐश्वर्या के परिवार की ओर से शनिवार को भी कोई बयान नहीं आया. ऐश्वर्या भी एक अहम राजनीतिक परिवार से आती हैं. उनके दादा दिवंगत दारोगा प्रसाद राय जहां बिहार के मुख्यमंत्री रहे, वहीं उनके पिता चंद्रिका राय लालू यादव और नीतीश कुमार के साथ बतौर मंत्री काम कर चुके हैं.

करीब डेढ़ साल पहले तक चंद्रिका राय अपने दामाद तेज प्रताप के साथ नीतीश मंत्रिमंडल का हिस्सा थे.